दोआबा में बुखार और डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की रात भी कथित डेंगू से चायल क्षेत्र के टिकरी गांव के एक अधेड़ की तबीयत बिगड़ गई। नाजुक दशा में उसे इलाहाबाद में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा बुखार के कारण गांव-गांव में लोग पीड़ित हैं। सबसे ज्यादा कहर चायल क्षेत्र में है। जहां पखवारेभर के भीतर 10 लोगों की जान जा चुकी है। इसके बाद भी स्वास्थ्य महकमा बेफिक्र बना हुआ है।
मानसून के दौरान बारिश नहीं होने और अक्तूबर महीने में भी तीखी धूप और उमस के कारण लोगों पर इस साल बीमारियों का कहर टूट रहा है। कौशाम्बी में तो महीने भर से बुखार का प्रकोप बना हुआ है। इसके अलावा चायल इलाके में डेंगू ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। इसी क्षेत्र के टिकरी (पुरामुफ्ती) गांव के रहने वाले मोहम्मद शमीम (50) पुत्र मोहम्मद इदरीश की मंगलवार की रात तबीयत नाजुक हो गई। घरवालों के मुताबिक शमीम 10 दिनों से बुखार से पीड़ित है। स्थानीय एक चिकित्सक से उसका इलाज कराया जा रहा था।
रात में अचानक हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ने डेंगू की आशंका जाहिर करते हुए उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया। घबराए परिवार के लोग उसे लेकर जाकर इलाहाबाद के बेली हास्पिटल में भर्ती कराया है। बता दें कि शमीम के अलावा गांव के करीब दर्जन भर से ज्यादा लोग बुखार की जद में हैं। इसके अलावा चायल, सिंहपुर, अजमतगंज, सिराथू के ननमई, आदि कई गांवों में भी पखवारेभर से बुखार का प्रकोप बना हुआ है। इतना ही नहीं बुखार के कारण ननमई के जैलभ (6), चायल की सलोनी (12), दुलारी देवी (15), बहुगरा की प्रियंका (15), रोही गांव के डिक्कन (50), सिंघवल के पिंटू (20), गुलामीपुर की नीलम श्रीवास्तव (40) आदि की मौत भी हो चुकी है।