बाजरे की बाल भूंजते समय उठी चिंगारी से शनिवार की दोपहर पुनवार गांव में लगी आग से चार घर और लाखों रुपये की गृहस्थी जल गई। मकानों से उठती भीषण लपटें देख गांव में हाहाकार मच गया। चीख-पुकार पर जुटे सैकड़ों ग्रामीण आग बुझाने में घंटों जूझते रहे। करीब तीन घंट की कड़ी मशक्कत के बाद गांववाले आग पर काबू पा सके। हालांकि जब तक आग बुझाई जाती। चारों परिवार की सारी गृहस्थी राख हो चुकी थी। आग लगने की इस घटना में 60 हजार रुपये की नगदी समेत करीब 5 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
मंझनपुर तहसील क्षेत्र के पुनवार गांव निवासी लवकुश पुत्र मुन्नालाल शनिवार की दोपहर पत्नी के साथ खेत में काम करने गया था। घर में सिर्फ बच्चे ही थे। इस दौरान बच्चों ने सूखी लकड़ियां इकट्ठा करके उसे जलाया और बाजरे की बाल भूनने लगे। बाल भूंजते समय निकली चिंगारी उसके छप्पर में जा गिरी। बच्चे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही धू-धूकर छप्पर जलने लगा। छप्पर में लगी आग देखते ही देखते बेकाबू होकर उसके पूरे घर को अपनी आगोश में ले लिया। मकान से उठती लपटें देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। चीखते-चिल्लाते लोग दौड़े। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि जब तक ग्रामीण आग बुझाने की कोशिश करते।
आग की लपटें बगल में स्थित लवकुश के भाई देवरती प्रसाद और पड़ोसी नंदलाल और उसके भाई गेंदलाल के घर तक पहुंच गई। उधर, सैकड़ो ग्रामीण लगभग तीन घंटे तक आग बुझाने में जूझते रहे। कड़ी मशक्कत के बाद गांववालों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। हालांकि जब तक लोग आग बुझा पाते। चारों घर और पीड़ित परिवारों की सारी गृहस्थी लपटों की भेंट चढ़ चुकी थी। लवकुश ने बताया कि आग लगने से घर में रखा 47 हजार रुपया, बर्तन, कपड़ा, बिस्तर, खाद्यान्न आदि सारा सामान जल गया। इसी तरह देवरती के घर में रखा 12 हजार रुपया, कपड़ा, वर्तन और अनाज और गेंदलाल और नंदलाल के भी घर का सारा सामान जल गया। ग्रामीणों का अनुमान है कि आग से चारों चारों घरों को करीब 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उधर, घटना की सूचना लगते ही मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल ने आग से हुए नुकसान का जायजा लिया। लेखपाल ने बताया कि वह जांच रिपोर्ट एसडीएम को देंगे।