मंझनपुर। इलाहाबाद के अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या को लेकर वकीलों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को भी कौशाम्बी जिला मुख्यालय और तीनों तहसील के अधिवक्ता घटना के विरोध में न्यायिक कार्य से विरत रहे। साथ ही मंझनपुर के वकीलों ने जिला कचहरी से तहसील तक बाइक जुलूस निकालकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ऐलान किया कि जब तक इलाहाबाद के डीएम, एसएसपी की बर्खास्तगी और वकीलों का दर्ज मुकदमा वापस नहीं होगा, उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
बता दें कि इलाहाबाद कचहरी में दरोगा द्वारा गोली चलाकर अधिवक्ता नबी अहमद की हत्या को लेकर हफ्तेभर से जिले के वकील हड़ताल पर हैं। बुधवार को भी जिला मुख्यालय समेत जिले की तीनों तहसील मंझनपुर, सिराथू और चायल की वकीलों ने न्यायिक कामकाज से खुद को दूर रखा। जिला कचहरी परिसर में वकीलों की बैठक हुई। इसमें शासन-प्रशासन के रवैये पर रोष जाहिर किया गया। कहा कि इलाहाबाद कचहरी में हुई घटना पुलिस की गुंडागर्दी की बानगी है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला कचहरी से मंझनपुर तहसील तक बाइक जुलूस भी निकाला। इस दौरान वकीलों ने नगर कोतवाली के सामने जुलूस रोककर पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की। मौके पर माडल डिस्ट्रिक्ट बार के अध्यक्ष प्रेमनाथ शुक्ला, महामंत्री राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष देवशरण त्रिपाठी, मनुदेव त्रिपाठी, शशि त्रिपाठी, शशांक खरे, राजेंद्र प्रसाद पांडेय आदि मौजूद रहे।