संदिग्धदशा में बेलहा गांव के किसान के घर में बुधवार दोपहर लगी आग से घर और लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। घटना के समय बच्चे स्कूल और पति-पत्नी खेत में काम करने के लिए गए थे। लपटें देखकर जुटे ग्रामीणों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने से गृहस्थी का सारा सामान जल जाने से भुक्तभोगी परिवार बेहाल है।
कोखराज थाना क्षेत्र के बेलहा (चमंधा) गांव निवासी धीरेंद्र कुमार पुत्र विजय लाल किसान है। उसके तीन बच्चे हैं। बुधवार की सुबह तीनों बच्चे स्कूल गए थे। बच्चों के स्कूल जाने के बाद धीरेंद्र भी पत्नी के साथ खेत में काम करने चला गया। दिन में करीब 11 बजे अचानक उसके घर में आग गई। मकान से धुएं का गुबार और लपटें निकलती देख पड़ोसियों को आग लगने की जानकारी हुई। चीखते-चिल्लाते गांववाले जुट गए। मकान में ताला बंद देख लोगों ने घटना की जानकारी खेत गए धीरेंद्र और उसकी पत्नी को दी। आग लगने की भनक लगते ही पति-पत्नी भागकर आए। लपटों से घिरा मकान देख दोनों सन्न रह गए।
उधर, ग्रामीणों ने पुलिस और दमकल को सूचना देने के साथ आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब दो घंटे तक जूझने के बाद गांववाले आग पर काबू पा सके। हालांकि जब तक ग्रामीण आग बुझा पाते। घर में रखा 16 हजार रुपये नकद सहित गहने, कपड़े, खाद्यान्न, बिस्तर, बर्तन समेत गृहस्थी का ज्यादातर सामान लपटों की भेंट चढ़ चुका था। भुक्तभोगी के मुताबिक हादसे में उसे करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उधर, घर में आग कैसे लगी? इसकी सही जानकारी किसी को नहीं है। गांववालों का अंदाजा है कि सुबह चाय-नाश्ता बनाने के बाद चूल्हे की आग ठीक से बुझाई नहीं गई थी। इसी से यह हादसा हुआ है।