चालक की पिटाई के मामले में कार्रवाई नहीं होने से खफा करारी स्थित मदर इंडिया स्कूल के वाहन चालकों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। आक्रोशित चालकों और परिचालकों ने हड़ताल कर दी। वह बच्चों को स्कूल लाने और फिर घर छोड़ने नहीं गए। इसकी वजह से अभिभावकों और विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, स्कूल प्रशासन के भी होश उड़े हुए हैं। करारी कस्बे के नेतानगर मोहल्ला स्थित मदर इंडिया स्कूल में डेढ़ हजार से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं। बच्चों को घर से लाने आने और फिर उन्हें घर तक छोड़ने के लिए स्कूल प्रशासन ने सात वाहन लगा रखे हैं। बृहस्पतिवार को स्कूल वाहन का चालक नंदलाल और परिचालक संतोष छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने गए थे।
चालक नंदलाल ने बताया कि रास्ते में उसने शोर मचाने पर मोलानी गांव के एक बच्चे को फटकार दिया था। इसी बात को लेकर उस बच्चे के परिजनों ने वापसी में गांव के समीप ही घेरकर चालक और परिचालक की बेरहमी से पिटाई कर दी। भुक्तभोगियों की मानें तो घटना की तहरीर उन्होंने उसी दिन थाने में दी थी, लेकिन पुलिस ने किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज स्कूल के सभी ड्राइवरों और क्लीनरों ने सोमवार को हड़ताल कर दी। स्कूल प्रशासन ने चालकों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानें।
ऐसे में कई बच्चे तो स्कूल ही नहीं पहुंच पाए। जिनके परिजन बच्चों को स्कूल छोड़ गए उन्हें छुट्टी के बाद घर भी ले जाना पड़ा। स्कूल प्रबंधक सरफराज अहमद का कहना है कि उनके स्कूल स्टॉफ के साथ कई बार इस तरह की घटनाएं होती हैं। शिकायत करने पर पुलिस उल्टा उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई कर देती है। फिर भी हड़ताल कर रहे चालकों और परिचालकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। करारी एसओ राकेश यादव का कहना है कि उन्हें किसी ने तहरीर ही नहीं दी है। शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।