लखनऊ में हुए लाठी चार्ज के खिलाफ बुधवार को कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। सरकार पर गुंडों माफियाओं को बढ़ावा देने के साथ ही लाठी चार्ज कराने का भी आरोप लगाया गया। राज्यपाल को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को देकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार पर कार्रवाई की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें नहीं पूरी होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।
बता दें कि प्रदेश सरकार के खिलाफ 17 अगस्त को कांग्रेसियों ने लखनऊ में धरना प्रदर्शन किया था। इस दौरान बिधान सभा का घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों पर पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया था। इसमें जिले के भी कई कांग्रेसी नेता घायल हो गए थे। लाठी चार्ज के विरोध में बुधवार को कांग्रेसजनों ने बांह में काली पट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपकर सरकार को बर्खास्त करने और लाठी भांजने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित करने की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह प्रभारी रघुनाथ द्विवेदी ने कहाकि अखिलेश सरकार में सूबे की कानून व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम हो गई है। गरीबों को उनका हक नहीं मिल रहा है।
किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार गुंडों, माफियाओं की है अथवा आम जनता की। जिलाध्यक्ष तलत अजीम ने भी तीखे भाषण के साथ आमजन से प्रदेश सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। कहाकि जिस सरकार में समाज का हर वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस करे ऐसी सरकार को सत्ता में काबिज रहने का कोई अधिकार नहीं है। इस मौके पर शाहिद सिद्दीकी, रमेश अग्रहरि, शिवमनोरथ शुक्ला, लालचंद्र कुशवाहा, महेन्द्र गौतम, राजेन्द्र त्रिपाठी, सत्येंद्र प्रताप सिंह, युगुल किशोर त्रिपाठी, एहसान अहमद, तौकीर सिद्दीकी, आशीष मिश्रा, पुष्पराज पांडेय आदि मौजूद रहे।