सिराथू तहसील क्षेत्र के लोधनकापुरवा धुमाई गांव में बुधवार सुबह एक कच्चा मकान जमींदोज हो गया। बरामदे में सो रही मां-बेटी मलबे में दब गईं। हादसा देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे गांव के लोगों ने किसी तरह मलबा हटाते हुए मां-बेटी को बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी हालत नाजुक देख डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सिराथू तहसील क्षेत्र के लोधनकापुरवा धुमाई गांव निवासी मानिकचंद्र मजदूर है। बताया कि मंगलवार की रात उसकी पत्नी भानमती (50), बेटी सबीना (16) बरामदे में सो रही थी। बुधवार की भोर बरामदे की कच्ची दीवार अचानक भरभरा कर जमीदोज हो गई। हादसा देख घर परिवार के साथ गांव के अन्य लोग भागकर मौके पर पहुंचे। आनन-फानन लोगों ने मलबे में दबी मां-बेटी को बाहर निकालते हुए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल मां-बेटी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर हादसे के बाद से परिजनों का हाल-बेहाल है।