कौशाम्बी जेल में बंद अश्वनी की जमानत एक महीने पहले मंजूर हो जाने के बावजूद उसकी रिहाई नहीं हो पा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी डेढ़ लाख रुपये के जमानतदार न मिल पाने के कारण वह पिछले एक माह से जेल में ही बंद है।
कौशाम्बी जेल में बंद अश्वनी की जमानत एक महीने पहले मंजूर हो जाने के बावजूद उसकी रिहाई नहीं हो पा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जमानत की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी डेढ़ लाख रुपये के जमानतदार न मिल पाने के कारण वह पिछले एक माह से जेल में ही बंद है।
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जुर्माने और जमानत की शर्तों के चलते अब तक कोई भी परिजन या परिचित आगे नहीं आ सका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अश्वनी को एक मामले में 50 हजार रुपये और दूसरे मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी आधार पर कुल डेढ़ लाख रुपये के जमानतदार प्रस्तुत किए जाने पर ही उसकी रिहाई संभव है।
अश्वनी 20 मार्च 2024 से कौशाम्बी जेल में बंद है। वह फर्जी मैट्रिमोनियल आईडी बनाकर ठगी करने के आरोप में अपनी पत्नी ऋतु वैश्य उर्फ ऋतु यादव सहित कुल चार लोगों के साथ जेल भेजा गया था। इस मामले में अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, लेकिन अश्वनी की रिहाई अभी तक लंबित है।
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इस बीच प्रयागराज के कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका बाजार स्थित अश्वनी के घर में एक दर्दनाक घटना घट गई, जिसमें कारोबारी पिता वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), मां अनीता (65), बहन मीनाक्षी (40) और भाई अभिषेक (40) के शव अलग-अलग कमरों में खून से लथपथ मिले। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही जेल में बंद अश्वनी मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया है। पुलिस सूत्रों अनुसार, अश्वनी को सामान्य बैरक में रखा गया है और उसके खान-पान सहित सभी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परिजनों की मौत के बाद से वह अधिकतर समय चुपचाप और गुमसुम रहता है और बेहद कम बातचीत करता है।