तीन साल पहले नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बनाने वाले आरोपी पिता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया। फैसला सुनाए जाने के बाद आरोपी को कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया।
कड़ाधाम कोतवाली इलाके के एक गांव में रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पिता सुरेंद्र कुमार सरोज शराब पीकर उसके साथ दुष्कर्म करता है। किशोरी की मां की मौत हो चुकी थी। वर्ष 2019 में किसी तरह अपने ननिहाल पहुंची किशोरी ने आपबीती बताई तो परिवार के लोग दंग रह गए। 29 सितंबर 2019 को किशोरी ने पिता के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
मामला अपर जिला जज कक्ष संख्या नौ योगेश कुमार की कोर्ट में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता पुरुषोत्तम लाल गुप्ता ने सात गवाह प्रस्तुत कर आरोपी के कृत्य को जघन्य बताते हुए सख्त सजा दिए जाने की मांग की। पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के साथ ही दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने बृहस्पतिवार को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये अर्थदंड भी जमा कराने का आदेश दिया।
किशोरी के पुनर्वास के लिए तीन लाख दिए जाने का आदेश
नाबालिग बेटी के साथ दरिंदगी करने वाले पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के साथ ही अदालत किशोरी के पुनर्वास के लिए भी गंभीर दिखी। अदालत ने सरकार को तीन लाख रुपये पीड़िता के पुनर्वास के लिए मुहैया कराने का आदेश दिया है।