कौशांबी जिले में कितना हुआ विकास?
स्थानीय निवासी डॉ. अरुण केसरवानी ने बताया कि अगर मैं स्वास्थ्य के क्षेत्र में देखूं तो इस समय स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारा जिला बहुत आगे जा रहा है। मेडिकल कॉलेज के आने के बाद हमारे यहां जांच की इतनी सारी सुविधाएं हो गई, उसके साथ-साथ पीआरबीसी सेंटर भी हो गया जो ब्लड को अलग-अलग करके देने का जैसे थैलेसीमिया जैसे बीमारी के लिए जिस ब्लडों की जरूरत होती थी। जिसके लिए हमें लखनऊ या प्रयागराज या मंडल के और जिलों में जाना पड़ता था। स्थानीय निवासी अर्चित गुप्ता ने बताया कि बहुत से काम हो रहे हैं, जैसे डिस्ट्रिक्ट की कनेक्टिविटी बहुत अच्छी हो रही है। हम कई ब्रिजेस का काम हुआ है तो जिससे हम यहां से लखनऊ बहुत जल्दी पहुंच सकते हैं। कई योजनाएं हैं सरकार की उद्यमी योजना है। जिससे सरकार जो है हम युवाओं को लोन दे रही है। नए मेडिकल कॉलेज हर डिस्ट्रिक्ट में खुल रहे हैं तो उससे हेल्थ सेक्टर तो काफी इंप्रूव हो रहा है।
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कौशांबी के लोगों को सरकार की योजना से कितना मिल रहा रोजगार?
मशरूम प्लांट के इंचार्ज अरुण कुमार जायसवाल ने बताया कि ये हम लोगों की टीम है। पांच से छह लोगों की ही टीम है। यहां मशरूम उगाने और कंपोस्ट बनाने तक का सारा काम हम लोग यहां पर करते हैं। इसमें प्रॉफिट भी है। सब्सिडी मिलती है। यहां लोगों की बात की जाए तो 65 से 70 लोग प्लांट में काम करते हैं। केयर टेकर रजनीश सिंह ने बताया कि मशरूम में तो बहुत मेहनत यानी काफी ज्यादा मेहनत पड़ती है। पहले भूसा फुलाया जाता है। लगून में चार दिन पानी लगता है। उसके बाद कंपोस्ट तैयार होती है। फिर बैग में ऐसे भर कर के बीज डालने के लिए तैयार किया जाता है। 35 दिन का प्रोसेसर होता है। कृषि को भी जिस तरह से बढ़ावा दिया जा रहा है। नए-नए फार्मिंग हो रहे हैं। सब्सिडी के माध्यम से सरकार भी जिस तरह से सहयोग दे रही है। लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
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योगी सरकार में बौद्ध तीर्थस्थल कौशांबी की तस्वीर कितनी बदली?
बौद्ध धर्म गुरु ने बताया कि योगी आदित्यनाथ के सीएम बनते ही हमने यहां एक पत्र दिया था। उसी में ये सब अंतर्गत हो गया था। सिर्फ रेलवे लाइन नहीं हो पाया था। वो सेंट्रल गवर्नमेंट का है। बाकी सब उन्होंने अमल कर दिए हैं। इसीलिए अभी-अभी पिछले साल का जितना टूरिस्ट आए हुए हैं। उसका संख्या ले लीजिए और इस साल का जो संख्या ले लीजिए। बहुत ज्यादा डेवलपमेंट है। डेवलपमेंट दो तीन गुना बढ़ गया। पहले साल में 15,000-20,000 तक आते थे। लेकिन अभी एक सीजन में ही 15 से 20 हजार पार कर दिए हैं। थीम पार्क में तो हम सुने हैं कि उसमें टूरिस्ट बंगला, कैफेरिया और पार्क है। पिछले साल एक 52 फुट का मूर्ति के लिए वो भी पास हो गया है। वो भी उसमें बनेगा। यहां विदेशी यात्री से भी ज्यादा लोकल यात्री भी आने लगेंगे। तो हर समय यहां भीड़ भाड़ होती रहेगी। सरकार ने भी खुद बहुत कुछ किया है।
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