बारा (ब्यूरो)। कौशाम्बी ब्लाक के दर्जनों गांवों में तैनात सफाई कर्मचारियों ने मनमानी की हद कर दी है। इसकी वजह से इन गांवों की सफाई व्यवस्था का बुरा हाल हो गया है। गंदगी के चलते ग्रामीण परेशान हैं। उन्हें संक्रामक बीमारी के फैलने का डर सता रहा है। उधर, संबंधित विभाग के अधिकारी शिकायत के बाद भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
बता दें कि कौशाम्बी ब्लाक क्षेत्र में 53 गांव आते हैं। इन गांवों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए 115 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके बाद भी दर्जनों गांवों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गोपसहसा गांव की प्रधान मालती देवी की मानें तो गांव में तैनात सफाई कर्मचारी कभी सफाई करने नहीं आता है। इसकी वजह से पूरे गांव में जगह-जगह पर गंदगी का ढ़ेर लगा हुआ है। ग्रामीणों की समस्या हो देखते हुए दस-बीस दिनों में प्राइवेट सफाई कर्मचारियों को रुपये देकर गांव की सफाई करवा दी जाती है। बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने एडीओ पंचायत से की थी। पर इसका कोई नतीजा नहीं निकला।
इसी तरह गुरौली गांव के नीरज, पप्पू, सोंधिया के मनीष दुबे, धर्मपुर कनैली के लालता प्रसाद, उरई अशरफपुर के राजकुमार आदि ने भी बताया कि उनके गांवों में तैनात सफाई कर्मचारी सफाई करने नहीं आता है। इसके चलते पूरे गांव में गंदगी का सम्राज्य स्थापित हो गया है। कभी भी गांव में संक्रामक बीमारी फैल सकती है। ग्रामीणों की मानें तो तैनाती के बाद शुरूआती दौर में कई गांवों के सफाई कर्मचारी किराए पर गांव की सफाई करा देते थे। ऐसे में परेशानी नहीं होती थी। अफसरों की ढ़िलाई के चलते अब इन लोगों ने किराए पर सफाई कराना भी बंद करा दिया है। बताया कि शिकायत के बाद भी एडीओ पंचायत कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।