मतगणना में धांधली का आरोप लगाकर शनिवार को सदर से भाजपा विधायक लाल बहादुर ने समर्थकों संग विकास भवन में धरना दिया। विधायक का कहना था कि वार्ड नंबर 70 से पांचवें नंबर पर रहे बीडीसी प्रत्याशी को विजयी प्रमाण पत्र दे दिया गया है। तकरीबन पांच घंटे बाद डीएम के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ।
कौशाम्बी ब्लॉक के उरई अशरफपुर गांव में वार्ड नंबर 70 से बीडीसी प्रत्याशी प्रेम का कहना है कि चुनाव में उसे 233 मत मिले थे। मतगणना स्थल पर आरओ ने उसे विजयी घोषित कर दो दिन बाद ब्लॉक से आकर निर्वाचन प्रमाण पत्र ले जाने के लिए कहा, लेकिन दो दिन बाद ब्लॉक पहुंचने पर उसकी जगह पांचवें स्थान पर रहे प्रत्याशी को निर्वाचन प्रमाण पत्र दे दिया गया। शिकायत मिलने पर मंझनपुर क्षेत्र के भाजपा विधायक लालबहादुर ने उसी दिन मामले से अफसरों को अवगत कराया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर शुक्रवार को विधायक समर्थकों संग विकास भवन पहुंच गए। बाहर समर्थक धरने पर बैठ गए और विधायक ने अंदर जाकर सीडीओ शशिकांत त्रिपाठी के समक्ष नाराजगी जाहिर की।
इस पर सीडीओ ने 24 घंटे के भीतर आरओ, एआरओ को बुलाकर मामले की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद सभी लोग वापस चले गए। शनिवार की दोपहर एक बजे फिर से विधायक समर्थकों संग विकास भवन पहुंचे और धरने पर बैठ गए। विधायक वार्ड नंबर 70 की पुनर्मतगणना कराने के साथ ही दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। बाद में डीएम अमित कुमार सिंह ने विधायक को आवास पर बुलाकर वार्ता की। इस दौरान डीएम ने रीकाउंटिंग में संवैधानिक अड़चनों का जिक्र करते हुए विधायक को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद शाम छह बजे सभी लोग चले गए।
मोबाइल फोन बंद कर लापता हुए आरओ, एआरओ
शुक्रवार को समर्थकों के धरना देने पर सीडीओ ने विधायक को 24 घंटे के भीतर मामला निस्तारित कराने का आश्वासन दिया था। इसके लिए उन्होंने आरओ, एआरओ को समस्त अभिलेखों के साथ बुलाने के लिए कहा था। पर, शनिवार को पूरे दिन आरओ, एआरओ का मोबाइल स्विच ऑफ रहा। इस वजह से दोनों अधिकारियों की मौजूदगी का कोई पता नहीं चल सका। इसे लेकर विधायक ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।