जिला मुख्यालय के मुख्य चौराहे पर गरज रही जेसीबी ने एक बार लोगों की धड़कनें बढ़ा दी है। चाय-पान की दुकानों से लेकर गली-मोहल्ले में बस एक ही चर्चा है कि आखिर किस रोड पर बुलडोजर चलेगा।
जिला मुख्यालय बनने के बाद मंझनपुर कस्बे में दो मर्तबा सड़क चौड़ीकरण को लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो चुकी है। उस दौरान जिलाधिकारी रहे लोकेश एम के कार्यकाल में अतिक्रमण की जद में आ रहे मकानों को तोड़ा गया था। तत्कालीन डीएम ने लोगों से अपील करके अतिक्रमण हटवाया था। अतिक्रमण हटने के बाद लोगों ने शेष जमीन पर फिर से आशियाना बना लिया। अब इन दिनों मंझनपुर में रोडवेज बस डिपो के निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। इसे लेकर कस्बे के लोगों की धड़कन बढ़ गई है। सबसे ज्यादा पसोपेश मंझनपुर से धाता को जोड़ने वाले मार्ग पर है। दरअसल मंझनपुर से धाता के लिए दो रास्ते हैं। एक रास्ता रावण मैदान की तरफ से बाजार होते हुए धाता रोड में मिलता है जबकि दूसरा मंझनपुर चौराहे से मंसूर नगर होते हुए धाता रोड को जोड़ता है। डिपो बनने के बाद रोडवेज की बसें धाता फतेहपुर को जाएंगी। इसके अलावा इन दिनों मंझनपुर चौराहे पर भी जेसीबी गरज रही है।
नगर पंचायत अध्यक्ष महताब आलम का कहना है कि 27 लाख की लागत से चौराहे का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। बड़ा चौराहा बनाने के बाद उसमें गौतम बुद्ध की प्रतिमा लगाई जाएगी। चौराहे पर ही फौव्वारा लगाया जाना है। इसका प्रस्ताव हो चुका है और निर्माण कार्य प्रगति पर है। चेयरमैन का कहना है कि चौराहे के चौड़ीकरण के लिए जितनी जमीन की आवश्यकता है, उसकी जानकारी प्रशासन को दे दी गई है। इसके अलावा करीब 76 लाख की लागत से मंझनपुर चौराहे से धाता को जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। सड़क पर डिवाइडर बनेगा और आर्म लाइट भी लगाई जाएगी। फिलहाल नाले तक सड़क का निर्माण होगा। जल्द ही इसका टेंडर निकाला जाएगा। रावण मैदान वाली रोड लोक निर्माण विभाग की है। उसके चौड़ीकरण के बारे में जानकारी नहीं है। पुराने बस स्टाफ की जमीन पर है कब्जाः मंझनपुर। कस्बे के अंदर पुराना बस स्टाप बना है। यहां महेवाघाट और प्रयागराज के बीच चलने वाली रोडवेज बसें जाया करती थीं। काफी दिनों से बसें चौराहे से ही गंतव्य को चली जाती हैं। अनदेखी के कारण बस स्टाफ की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया।