िजी अस्पताल में भर्ती मरीज की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल में तोड़फोड़ की गई। हंगामे की वजह से अस्पताल कर्मी भाग खड़े हुए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया।
सरायअकिल कोतवाली के घोसिया गांव निवासी अनीक अहमद उर्फ निक्का (25) पुत्र लईक को मंगलवार से उल्टी हो रही थी। इस पर घरवाले उसे इलाज के लिए करन चौराहा स्थित निजी अस्पताल ले गए। अस्पताल के चिकित्सक ने दवा देकर निक्का को घर भेज दिया। आराम नहीं होने पर निक्का के बड़े भाई अमीक अहमद बुधवार की सुबह 11 बजे उसे दोबारा अस्पताल लाए। अस्पताल में चिकित्सक ने निक्का को भर्ती कर इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान ही निक्का की मौत हो गई। इससे परिजनों का गुस्सा भड़क उठा और वह तोड़फोड़ करने लगे। अस्पताल में लगे चार कम्प्यूटर को तोड़ डाला। हंगामे की वजह से अस्पताल कर्मी भाग खड़े हुए। घरवालों का कहना है कि गलत इंजेक्शन देने की वजह से निक्का की मौत हुई है। फिलहाल मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थित को काबू में किया। मामले में देर शाम अमीक अहमद ने इलाज करने वाले दो चिकित्सकों के खिलाफ तहरीर दी है। इंस्पेक्टर पीके राय का कहना है कि तहरीर मिली है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उधर निक्का का इलाज करने वाले चिकित्सकों का दावा है कि उल्टी ज्यादा होने की वजह से निक्का के फेफड़े में पानी भर गया था। इसी वजह से दम घुटने पर उसकी मौत हुई है।