चक बख्तियारा गांव में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर करीब 20 मिनट तक रुके। इस दौरान वह सीधे किसानों से मुखातिब हुए। किसानों के बीच जाकर उन्होंने सवाल पर सवाल किए। साथ ही उनसे जवाब भी मांगा। बिजली-पानी के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में रखा। किसानों ने भी खुलकर अपनी बात की और सुविधाएं न मिलने की बात कही।
जन संवाद कार्यक्रम के मंच पर पहुंचते ही राजबब्बर ने माइक संभाला। बिना किसी औपचारिकता के वह किसानों के बीच माइक लेकर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने किसान राजेंद्र से पूछा कि क्या उनका कर्ज माफ हुआ।
जवाब आया कि नहीं तो फिर पूछा कि सरकार तो यही कह रही थी कि वह किसी भी प्रकार से नुकसान होने पर लागत का ढाई गुना देंगे। क्या उन्हें ढाई गुना मुआवजा मिला? एक स्वर में लोग बोले की नहीं। राजबब्बर यही नहीं थमे। घूमकर दूसरी ओर पहुंचे और एक वृद्ध महिला से पूछा कि क्या आपको सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है? वृद्धा ने कहा कि नहर तो है, लेकिन कभी पानी नहीं देखा। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसी झूठी सरकार को आप कब झेलेंगे। इस सरकार में किसान भी बेरोजगार हो चुका है। किसान आत्महत्या कर रहा है। कभी उत्तर भारत के किसानों की मिसाल दी जाती थी, आज उत्तर भारत का ही किसान बदहाल हो चुका है। इस दौरान उन्होंने कई किसानों से सीधे संवाद किया और उनसे सवाल कर जवाब भी लिया।