दोआबा में बालू के अवैध खनन की जांच करने आई सीबीआई टीम बालू सिंडीकेट तक पहुंच गई है। सिंडीकेट के सदस्यों ने जिस मकान को ठिकाना बनाकर बालू के अवैध कारोबार को संचालित किया था उसके मकान मालिक सुशील कुमार उर्फ गोलू से मंगलवार को टीम ने पूछताछ की। इससे पहले सोमवार को सीबीआई के अफसरों ने सर्वेयर को साथ लेकर जिलेभर में जगह-जगह डंप बालू के ढेर की माप कराई। बताया जाता है कि दोआबा में बालू के अवैध खनन की जांच के लिए आई सीबीआई टीम मंगलवार को मंझनपुर के सिराथू रोड पर एक भवन के मालिक को तलब किया है। मकान मालिक से टीम ने सिंडीकेट के सदस्यों, उनके मोबाइल नंबर और डंप बालू के बारे में विस्तार से पूछताछ की। इसकी जानकरी होने पर बालू माफिया में हड़कंप मच गया है। वहीं सोमवार को सर्वेयर हौसला प्रसाद को भी अस्थाई कार्यालय में तलब किया था। इनके आने पर जमुनापुर, पभोषा, ब्यूर, औधन समेत कई जगहों पर बड़े पैमाने पर डंप बालू की माप कराई।
बतादें कि सीबीआई की सात सदस्यीय टीम करीब सप्ताहभर से कांशीराम आवास में डेरा डाले हुए है। अवैध बालू खनन, परिवहन और डंप बालू की हकीकत खंगालने के लिए टीम ज्योति कुमार उर्फ जोश महराज, खेमराज, जसवंत सिंह, शकील अहमद, फूलचंद्र आदि कारोबारियों से जरूरी कागज मांगे हैं। सोमवार और मंगलवार शाम तक कारोबारियों ने सीबीआई टीम को जो भी कागज उपलब्ध कराए हैैैं। बताया जाता है कि वे पर्याप्त नहीं हैं। उनसे सीबीआई टीम प्रभारी ने कुछ जरूरी दस्तावेज तलब किए हैं।
वहीं यमुना से निकाली जाने वाली बालू से जिला पंचायत द्वारा शुल्क की वसूली की जाती है। इसके लिए ठेका हर साल दिया जाता है। मार्च में ठेका देने के बाद जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एलएन खरे ने मई में ठेका निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। अप्रैल और मई में जिला पंचायत के बैरियर से बालू लेकर गुजरने वाली ट्रकों से वसूली की गई है। दो माह में बैरियर से होकर गुजरी ट्रकों की काटी गई वसूली की पर्चियां अवैध खनन आदि का प्रमाण देने के लिए पर्याप्त हो सकती हैं।