मंझनपुर। दुर्घटनाओं में होने वाली मौत के कारणों की सहीं जांच करना चिकित्सकों का मुख्य दायित्व है। इससे न्यायालयीय विवादों से बचने के अलावा पीड़ितों में चिकित्सा व्यवस्था के प्रति विश्वास पैदा होता है। यह बातें बृहस्पतिवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार पांडेय ने कही। सीएमओ ने डॉक्टरों को पोस्टमार्टम से जुड़ी तमाम जानकारियां भी दी।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला संयुक्त चिकित्सालय में बृहस्पतिवार को एक दिवसीय कार्यशला आयोजित की गई। इसमें सीएमएस डॉ. यूबी सिंह ने कहा दुर्घटनाओं में मौत के बाद कारणों की सही जांच में गड़बड़ी विभाग और संबंधित चिकित्सक को मुसीबत में डाल देती है। मामला न्यायालयीय विवाद में उलझ जाता है। डॉ. लाल चंद्रशेखर सिंह ने चिकित्सकों को मौत के कारणों के परीक्षण की विस्तार से जानकारी दी।
एआरओ श्रवण कुमार ने चिकित्सकों को जांच के लिए जरूरी टिप्स दिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार मिश्रा ने कहा कि मौत के कारणों की सही जांच करना चिकित्सकों का मुख्य दायित्व है। इससे न्यायालयीय विवाद से बचने के अलावा पीड़ितों में चिकित्सा व्यवस्था के प्रति विश्वास पैदा होता है। सीएमओ ने मातहतों से प्रशिक्षण में सीखी गई बारीकियों को अमल में लाने का आह्वान किया। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीएल जायसवाल, डॉ. बीएन कुशवाहा, डॉ. एसएन त्रिपाठी, डॉ. अरविंद कनौजिया, डॉ. विजय केसरवानी, डॉ. एसके यादव आदि मौजूद रहे।