फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का राजफाश, तीन गिरफ्तार
पइंसा कोतवाली की एक महिला से ठगी की जांच के बाद आरोपियों तक पहुंची पुलिस
दो लखनऊ तो एक राजस्थान के अजमेर का है जालसाज, जेल में है गैंग का सरगना
फोटो नं- 20
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक खाता खोलकर दूसरों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का जिले की पुलिस ने राजफाश किया है। इस गैंग के तीन सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। जबकि, सरगना पहले से ही एक घोटाले के आरोप में जेल में है।
पुलिस अधीक्षक बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि छह अप्रैल को पइंसा के बाले का पुरवा निवासी सुभाष की मां सीता देवी से कुछ लोगों ने सोलर नलकूप स्कीम का फायदा दिलाने के लिए आधार, राशन कार्ड व बैंक पासबुक की छायाप्रति ले ली थी। इस योजना के साथ ही पेंशन का भी जल्दी लाभ दिलाने के नाम पर 10 हजार रुपये भी ऐंठ लिए। एक आधार अपडेट फॉर्म में उनका अंगूठा भी लगवा लिया। उसके बाद मोबाइल पर आधार अपडेट करने का मैसेज मिला। इसके बाद आरोपियों ने पेंशन की नकद राशि लेने के लिए सैनी बुलाया। यह बात सीता देवी ने अपने बेटे सुभाष को बताई तो बेटा समझ गया कि मामला फर्जीवाड़े का है, क्योंकि पेंशन की राशि सीधे खाते में आती हैं। सुभाष ने मामले की शिकायत पुलिस से की। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मंगलवार को इन आरोपियों के सिराथू में ओवरब्रिज के पास होने की सूचना मिली।
साइबर थाना पुलिस व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें लखनऊ के तालकटोरा के राजाजीपुर में मकान नंबर सी/166 निवासी पीयूष श्रीवास्तव, राजाजीपुर आवास विकास कालोनी के मकान नंबर एफ 1/69 निवासी अंशुल अवस्थी और राजस्थान के अजमेर जनपद के नासीराबाद थाना क्षेत्र गोवानिया निवासी रंजीत शामिल है। इनके पास से एक फिंगर स्कैनर डिवाइस, एक लैपटॉप, एक नंबर के अलग- अलग नाम के कूटरचित आधार, मोबाइल बरामद किया। बताया कि तीनों ने कम पढ़े-लिखे लोगों को सरकारी योजनाओं के बारे में बताकर धोखे करने की बात स्वीकार की। इस पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चालान कर दिया।
कैसे करते थे काम
गिरफ्तार हुए तीनों लोग साइबर शातिर हैं। फिंगर स्कैनर डिवाइस पर फिंगर लगवाकर कूट रचित दस्तावेज तैयार कर किसी बैंक में खाता खोलते थे। इसमें अपने लोगों का मोबाइल नंबर लिंक करा देते थे। इसी से गिरोह के सदस्य दूसरों से रुपये मंगाने का काम करते थे। गिरोह का सरगना सुनील कुमार गुर्जर उर्फ मोंटी निवासी सुत्तर खाना थाना नासीराबाद जनपद अजमेर राजस्थान का है। इन दिनों यह पशुधन घोटाले के आरोप में जेल में है।