अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल में शामिल बौद्ध तपोस्थली को सजाने व संवारने की कवायद शुरू हो चुकी है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम तो होंगे ही, यहां अंतर्राष्ट्रीय मानक का बौद्ध संग्रहालय व विदेशी पर्यटकों के ठहरने की भी व्यवस्था की जाएगी । भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण सारनाथ अंचल ने इसकी पहल शुरू कर दी है।
गौतम बुद्ध की तपोस्थली कौशांबी में विदेशी पर्यटकों के लिए सुविधा के नाम पर कोई व्यवस्था नहीं है। यही कारण था कि बौद्ध तपोस्थली में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट आई है। दो वर्ष में विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या आधी से भी कम हुई तो पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया। पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भी इसे गंभीरता से लिया है। बौद्धिष्ट डा. टी विशुद्धि ने भी इसके लिए यहां सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं के न होने का हवाला देते हुए पर्यटन मंत्री समेत कई विभागों को पत्र भेजा।
बौद्धिष्ट का पत्र मिलने के बाद पुरातत्व सर्वेक्षण सारनाथ अंचल के अधिकारियों ने अधीक्षण पुरातत्वविद् को पत्र भेजकर बताया कि तपोस्थली की ऐतिहासिकता को देखते हुए कौशांबी में बौद्ध संग्रहालय का निर्माण कराया जाए। ये संग्रहालय अंतर्राष्ट्रीय मानक पर होगा। इसके अलावा विदेशी पर्यटकों के लिए अलग से इंतजाम किए जाएं ताकि उनका आना-जाना बना रहे और यहां की एक नई छवि बने। सुरक्षा के लिए क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी इलाहाबाद ने एसपी कौशांबी को पत्र भेजा है।
हो चुकी हैं चोरियां
बौद्ध तपोस्थली व बौद्ध विहार में दर्शन पूजन करने के लिए विदेश से आने वाली पर्यटकों का काफी सामान चोरी हो चुका है। बौद्धिष्ट ध्यान लगाकर जब बैठ जाते हैं तो उनका सामान स्थानीय लोग पार कर देते हैं। इनमें उनकी पूजा सामग्री होती है। ये मसला कई बार उठाया जा चुका है, लेकिन अभी तक सुरक्षा के इंतजाम नहीं हो सके। हालांकि बौद्ध तपोस्थली में ही कौशांबी थाना है। इसके बावजूद घटनाएं होती रहती हैं।