कोतवाली के मलकिया गांव में 15 लाख रुपये लेकर जौहरी को असली सोना के बदले रोल्ड गोल्ड के जेवर देकर ठगने वाले पुुलिस की गिरफ्त में आ गए। कोखराज पुलिस के मुताबिक गिरोह अंतरप्रांतीय है और उसके छह सदस्यों को शनिवार दोपहर बाद गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी ओडिशा प्रांत के रहने वाले हैं इस गिरोह में दो दंपती भी शामिल हैं।
सीओ सिराथू अवधेश कुमार विश्वकर्मा व सीओ मंझनपुर शिवांक सिंह ने रविवार को घटना का खुलासा करते हुए जानकारी दी। सीओ द्वय ने बताया कि ओडिशा प्रांत के केंद्र पुरा अंतर्गत पतामुली निवासी हरिदास व उसकी पत्नी रीना दास, बारिकपुर बाजार के भदरक ग्रामीण, बेतरा निवासी अंबिका दास व उसकी पत्नी राधा दास के साथ गिरफ्तार किया गया।
साथ में जाजापुर जनपद के दशामिया अंतर्गत जाखापुरा मानातीरा निवासी बाला प्रधान व जाजापुरा के व्यास नगर अंतर्गत मुंडा मल दहीशाही निवासी नारायण दास की पत्नी ममुनी दास भी पकड़े गए। आरोपियों के पास से ठगे गए 15 लाख रुपये और मोबाइल फोन बरामद किया।
पुलिस के मुताबिक मलकिया निवासी श्रीनाथ मौर्य ने घर के बाहरी हिस्से में सोने-चांदी जेवरात की दुकान चलाते हैं। पांच दिन पहले उनके पास तीन महिलाओं सहित छह लोग आए थे। उन लोगों ने खुद को बंजारा बताते हुए सोने का टुकड़ा दिखाया था। श्रीनाथ ने कसौटी से देखा तो शुद्ध सोना आया। श्रीनाथ को आरोपियों ने झांसा दिया कि अक्सर खोदाई में सोना या जेवरात मिलते हैं। जिसे वे बाजार दर से 30 फीसदी कम दाम में उपलब्ध करा देंगे।
झांसे में आए श्रीनाथ ने सौदा तय कर लिया। शुक्रवार को जालसाजों ने उन्हें रामपुर सुहेला गांव के बाहर अल्ली मोड़ के समीप अपने डेरा पर श्रीनाथ को बुलाया। 15 लाख रुपये लेकर पहुंचे श्रीनाथ को जालसाजों ने रोल्ड गोल्ड के जेवर देकर रुपये ले लिए। इसके बाद वे फरार हो गए। घर पहुंचे श्रीनाथ ने जब सोना परखा तो होश उड़ गए। उन्हें ठगे जाने की बात समझ में आई।
परेशान श्रीनाथ की शिकायत पर कोखराज पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जालसाजों की तलाश शुरू कर दी। सीओ द्वय ने बताया कि जालसाजों की जिस मोबाइल नंबर से श्रीनाथ से बातचीत की थी, पुलिस ने उसे ट्रेस कर लिया। लोकेशन मिलने पर चमरूपुर पुलिया के समीप छिपे बैठे जालसाजों को पुलिस टीम ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया।
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ओडिशा व झारखंड में भी घटना को दिया अंजाम
सीओ अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में दो दंपती सहित छह लोग हैं। यह सभी आपस में पड़ोसी व गांव के होने के नाते आपस में चाचा, मामा, व भांजे का रिश्ता मानते हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सात साल से सक्रिय हैं। इसी तरह बंजारा बनकर शहरों में अपना डेरा डालते हैं और घूम-घूम कर जौहरियों से मुलाकात करते हैं। उन्हें प्योर सोना का टुकड़ा दिखाते हैं। झांसे में आने के बाद उनसे रुपये ठग कर अपना ठिकाना बदल देते हैं। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि वे झारखंड व ओडिशा में भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में अयोध्या में भी वर्ष 2023 में एक जौहरी को 15 हजार रुपये का चूना लगाया था। मलकिया गांव के बाहर उन्होंने 19 मई से डेरा जमा रखा था। जिले में उन्होंने पहली घटना को ही अंजाम दिया है।