स्री रोग विभाग में मरीजों को देखती डॉ. विशाखा दीक्षित व डॉ. वर्षा केसरी। स्रोत: डॉक्टर
महिलाओं में बांझपन, हार्मोनल इंबैलेंस और पीरियड अनियमितता जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल की स्त्री रोग ओपीडी में हर दिन 100 से अधिक महिलाएं पहुंच रही हैं, जिनमें करीब 40 मरीज बांझपन की शिकायत से संबंधित होती हैं।
वहीं किशोरियों और युवतियों में भी मासिक धर्म अनियमित होने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक बदलती जीवनशैली, तनाव, जंक फूड और जागरूकता की कमी इसके प्रमुख कारण बन रहे हैं।
जिला अस्पताल के स्त्री रोग विभाग की डॉक्टर वर्षा केसरी ने बताया कि पहले जहां महिलाएं लंबे समय बाद इलाज के लिए आती थीं, वहीं अब शादी के छह महीने बाद ही कई महिलाएं यह शिकायत लेकर आती हैं कि उन्हें गर्भधारण नहीं हो रहा है। उन्होंने बताया कि सामान्य रूप से शादी के बाद करीब एक साल तक इंतजार करना चाहिए। इसके बाद भी समस्या बनी रहे तो विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।