जिले के विभिन्न पीसीएफ गेहूं क्रय केंद्रों पर बोरे की कमी और अव्यवस्थाओं के चलते खरीद व्यवस्था चरमरा गई है। साथ ही खरीदे गए गेहूं का भुगतान नहीं होने से किसानों की समस्या भी बढ़ती जा रही है।
जिले में इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य 54,500 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक 20,045.11 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, लेकिन पंजीकृत किसानों की तुलना में खरीद का प्रतिशत काफी कम है।
करीब आठ हजार किसानों ने पंजीकरण कराया था, जबकि अब तक केवल 4,028 किसानों से ही खरीद हो सकी है। पिपरकुंडी समेत कई केंद्रों पर भुगतान न मिलने की शिकायतें सामने आई हैं।
विभाग के पास पर्याप्त बोरे उपलब्ध हैं। कुछ एजेंसियों की लापरवाही से समस्या आई है। जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - सुनील चौबे, खाद्य एवं विपणन अधिकारी
- जिले में गेहूं खरीद और भुगतान की स्थिति
बिंदु आंकड़ा
अब तक कुल गेहूं खरीद 20,045.11 मीट्रिक टन
कुल पंजीकृत किसान लगभग 8,000
जिन किसानों से खरीद हुई 4,028
नेफेड में पंजीकृत किसान 654
नेफेड किसानों का भुगतान लगभग 50%
अन्य समितियों में भुगतान 85%
लंबित भुगतान 15%
खरीद की अंतिम तिथि 15 जून
जुट वाले बोरे मंगाए गए 600 गांठ (करीब 3 लाख बोरे)
प्लास्टिक बोरे उपलब्ध 110 गांठ
प्लास्टिक बोरे आने बाकी 250 गांठ
वर्तमान में उपलब्ध बोरे 232 गांठ
एक गांठ में बोरे 500
|विभाग का दावा 15 जून तक व्यापक खरीद की संभावना
इन किसानों का भुगतान अटका
गेहूं खरीदे जाने के बाद किसान
घनश्याम निवासी चक सैयद अलीपुर, दिलीप निवासी चक सैयद अलीपुर, दिलीप निवासी पिपरकुंडी, नत्थू निवासी गुवारा, रवि कुमार निवासी गुवारा, लवकुश प्रसाद समिति अध्यक्ष एंडहरा, दिलीप कुमार निवासी खोजवापुर, बाबूल सिंह यादव निवासी परऊआ और आकाश यादव निवासी एंडहरा का भुगतान अटका हुआ है।
साधन सहकारी समिति पिपरकुंडी में बाहर पड़ा किसानों का खरीदा गया गेहूं। स्रोत: किसान