रविवार को चरवा ग्राम सभा में बुलाई गई खुली बैठक में इंदिरा आवास के निर्माण में हेराफेरी का मामला छाया रहा। बैठक बुलाई गई थी स्वच्छता अभियान को लेकर मगर मामला आवास का तूल पकड़ गया। जिस पर लाभार्थियों को जल्द से जल्द आवास का निर्माण शुरू नहीं कराने पर एफआईआर की चेतावनी दी गई है।
चरवा ग्राम सभा में रविवार को स्वच्छता अभियान को लेकर खुली बैठक बुलाई गई थी। ग्राम सभा के करीब पांच सौ लोग खुली बैठक में पहुंचे। इस दौरान प्रधान अंजनी पांडेय, प्रधान पति दीपक पांडेय और सेक्रेटरी राधेश्याम ने ग्राम सभा को ओडीएफ यानि खुले में शौच मुक्त कराने के लिए लोगों को जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि ओडीएफ के लिए ग्राम सभा में घर-घर शौचालय बनवाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक परिवार को 12 हजार रुपये मिलेंगे।
प्रधान ने हिदायत दी कि शौचालय बनवाने में कोई लापरवाही न की जाए। जिस पर कई माह पहले इंदिरा आवास के लाभार्थियों द्वारा मकान का निर्माण नहीं कराए जाने का मामला उठ गया। जबकि लाभार्थियों को निर्माण के लिए धन का भुगतान हो चुका है। ऐसे में खुली बैठक में सभी लाभार्थियों का नाम पुकारा गया। चेतावनी दी गई कि निर्माण नहीं कराए जाने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
ग्राम सभा को ओडीएफ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ लाभार्थियों द्वारा पैसा मिलने के बाद भी निर्माण नहीं कराए जाने की बात सामने आई है। सभी को एफआईआर की चेतावनी दी गई है।
अंजनी पांडेय, ग्राम प्रधान चरवा