श्री राम व रावण की सेना के बीच होता हुआ कुप्पी युद्ध। संवाद
दारानगर की ऐतिहासिक रामलीला में इस बार 247वें आयोजन में मुख्य आकर्षण कुप्पी युद्ध रहा। विजयदशमी पर शुरू हुए युद्ध में पहले दिन रावण दल ने चारों मुकाबले जीते, जबकि दूसरे दिन बुधवार को राम दल ने तीनों मुकाबलों में विजय हासिल की। इस दौरान लीला के युद्ध मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
म्योहरा गांव में युद्ध के लिए मैदान तैयार कर बैरिकेडिंग कराई गई थी। लाल कपड़े पहने राम दल और काले कपड़े पहने रावण दल के 25-25 सेनानी प्लास्टिक की कुप्पियां लेकर मैदान में उतरे। पहले दिन चार चरणों में मुकाबले हुए, जिनमें रावण सेना भारी पड़ी।
वहीं, बुधवार को हुए तीनों मुकाबलों में राम दल ने जीत दर्ज की। युद्ध देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक जुटे। मुकाबले के दौरान सेनानियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। चोटिल होने वाले सेनानी रणभूमि की मिट्टी को ही उपचार मानते हैं। आयोजन समिति की ओर से इसकी तैयारी महीनों पहले शुरू कर दी जाती है।
सीटी बजते ही शुरू हुआ युद्ध
कुप्पी युद्ध का प्रत्येक मुकाबला करीब 10 मिनट का होता है। कमेटी के संरक्षक मूल प्रकाश त्रिपाठी की सीटी बजते ही युद्ध शुरू हुआ। उनकी दूसरी सीटी पर समाप्त हो गया। इसके बाद दोनों दलों के सेनानी अपने-अपने शिविर में लौट गए।
परंपरा का किया गया निर्वहन
परंपरा के अनुसार रावण वध दशहरा के दूसरे दिन किया गया। लीला के दौरान जय श्रीराम के नारे से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया। इस मौके पर पूर्व सांसद विनोद सोनकर, एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव, सीओ सत्येंद्र प्रसाद तिवारी, संरक्षक मूल प्रकाश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात रहा।
श्री राम व रावण की सेना के बीच होता हुआ कुप्पी युद्ध। संवाद
श्री राम व रावण की सेना के बीच होता हुआ कुप्पी युद्ध। संवाद