योजना का लाभ पाने के लालच में किया था फर्जी निकाह
परिवार वालों के साथ ग्रामीणों ने भी सीडीओ को सौंपा शपथ पत्र
14 नवंबर को समारोह में कथित तौर पर दो जोड़ों ने की थी फर्जी शादी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में फर्जी निकाह किए जाने के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। विवादित जोड़ों के परिजनों ने ही सीडीओ को शपथ पत्र देकर बताया कि निकाह सिर्फ योजना का लाभ लेने के लिए किया गया था। साथ में ग्रामीणों ने भी शपथ पत्र सौंपा है। सभी ने जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है।
ओसा स्थित नवीन मंडी में 14 नवंबर को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत वैवाहिक समारोह का आयोजन किया गया था। इसमें 610 जोड़ों की शादी कराई गई थी। सभी जोड़ों को आर्थिक मदद भी दी गई थी। सदर ब्लॉक के सालेपुर ग्राम प्रधान मो. इसराइल शाह का आरोप है कि उनके गांव की नेहा पत्नी सद्दाम व हिना बानो पत्नी शमशाद ने योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी तरीके से निकाह किया था। प्रधान ने फर्जीवाड़े की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी इंद्रसेन सिंह ने आरोपों की जांच शुरू करा दी है। जांच का जिम्मा खंड विकास अधिकारी मंझनपुर को सौंपा गया है। वह तीन दिन पहले गांव जाकर ग्रामीणों का बयान दर्ज कर चुके हैं। इसी बीच आरोपी जोड़ों के परिवार की ही रीना बीवी, रफीक, अफसाना तथा गांव के नग्गन, पप्पी, निर्बला, सदीर आदि ने सीडीओ को शपथ पत्र दिया। इसमें बताया कि दोनों जोड़ों की पहले ही शादी हो चुकी है। इनका तलाक भी नहीं हुआ है। सिर्फ योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी तरीके से निकाह किया है। मामले में सीडीओ इंद्रसेन सिंह का कहना है कि शपथ पत्र जांच का हिस्सा बनेगा। जांच के बाद आरोपी जोड़ों से दिए गए सामान की रिकवरी के साथ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।