जिले में फिलहाल सौ में से दो व्यक्ति संक्रमित मिल रहे हैं। अब तक हुई कोरोना की जांच में ऐसे ही कुछ संकेत मिल रहे हैं। पर, प्रशासन का मानना है कि अब भी लोग नहीं चेते तो जुलाई के अंत तक संक्रमण फैलने की रफ्तार खतरनाक होनी तय है। अनलॉक टू में कौशाम्बी के लोग बेपरवाह हो गए हैं। इसी का नतीजा है कि जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार तेज हो गई है। जिले में पहला संक्रमित चार अप्रैल को सिराथू क्षेत्र में मिला था। इसके दो दिन बाद ही संक्रमित के संपर्क में आए पड़ोसी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई थी। एक ही गांव में दो संक्रमितों के मिलने के बाद लोग दहशत में आ गए थे। पूरे लॉक डाउन तक लोग खासे सतर्क रहे। बहुत जरूरी होने पर ही लोग मास्क लगाकर घरों से निकल रहे थे।
यही वजह रही कि 47 हजार प्रवासियों की फौज जिले में आने के बावजूद मई के अंत तक संक्रमितों की संख्या बीस के अंदर ही सिमटी रही। पहली जून से अनलॉक-1 चालू होने के साथ ही लोग बेपरवाही करने लगे। नतीजतन जून का दूसरा पखवाड़ा शुरू होते ही संक्रमित बढने लगे। तकरीबन हर दिन जिले में चार-छह संक्रमित मिलना शुरू हो गए। बगैर मास्क लगाकर बिना सामाजिक दूरी के ही लोग खुलेआम बाहर आवागमन करने लगे। इस वजह से जुलाई में संक्रमण ने रफ्तार पकड़ लिया। चार जुलाई को तो रिकार्डतोड़ 24 केस एक साथ सामने आ गए। सर्विलांश अफसर डॉ. यश अग्रवाल के मुताबिक जिले की तकरीबन 20 लाख आबादी के सापेक्ष आठ जुलाई तक हुई 8373 संदिग्धों की स्वॉब सैंपलिंग में 7573 की रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें से 159 पॉजिटिव निकले हैं। आठ सौ जांच रिपोर्ट अभी भी लंबित हैं। लैब से आई रिपोर्ट के मुताबिक हर सौ जांच में दो लोग संक्रमित मिल रहे हैं। सर्विलांस अफसर का कहना है कि अब भी लोग नहीं संभले तो जुलाई के अंत तक परिणाम और भयावह होना तय है।