जिले में बेसिक शिक्षा की स्थिति परखने के लिए सीडीओ और बीएसए ने कई स्कूलों की पड़ताल की। कहीं पर हाजिरी लगाकर प्रधानाध्यापक नदारद थे तो कहीं गंदगी का अंबार मिला। शिक्षा का स्तर भी बेहद निम्न रहा।
सीडीओ डॉ.रवि किशोर त्रिवेदी मूरतगंज के प्राथमिक विद्यालय दरवेशपुर पहुंचे तो प्रधानाध्यापक अशोक द्विवेदी नदारद थे, जबकि रजिस्टर पर उनकी हाजिरी लगी थी। शिक्षकों ने गांव के भ्रमण की बात कही। सीडीओ ने जब आवागमन पंजिका देखी तो गुरुजनों के इस झूठ की पोल भी खुल गई। पंजिका में प्रधानाचार्य के भ्रमण पर जाने की बात नहीं लिखी थी। यहां पर 160 के सापेक्ष 52 बच्चे ही मिले। परिसर में हर तरफ गंदगी पसरी थी।
सीडीओ ने गैरहाजिरी समेत अन्य खामियों पर प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण तलब किया है। उच्च प्राथमिक विद्यालय जलालपुर गोरियों में पंजीकृत 135 के सापेक्ष 57 बच्चे ही आए थे। सीडीओ को परिसर में जलभराव मिला। बीडीओ को समस्या दूर कराने के निर्देश दिए। मेन्यू के हिसाब से बच्चों को दूध नहीं दिया गया था।
कक्षा छह के बच्चों से 17 का पहाड़ा सुना, लेकिन वह नहीं सुना सके। प्राथमिक विद्यालय कसिया पूर्व में 152 में से 110 बच्चे आए थे। इन्हें एमडीएम में दूध भी दिया गया था। इसी गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय 78 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हुए दिखे, जबकि पंजीकरण 119 का है। हालांकि, स्कूल की साफ सफाई व अन्य व्यवस्थाओं से सीडीओ संतुष्ट दिखे।
दो प्रधानाध्यापकों को नोटिस
बीएसए कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने बुधवार को सिराथू ब्लॉक के स्कूलों का निरीक्षण किया। उच्च प्राथमिक विद्यालय बालकमऊ में सहायक अध्यापक अंगद प्रसाद 11 और 12 जुलाई को बिना सूचना के अनुपस्थित थे। 157 बच्चों का पंजीकरण है, जबकि 17 बच्चे ही स्कूल में मिले। स्कूल परिसर से लेकर किचन और शौचालय तक हर तरफ गंदगी थी। इस पर प्रधानाध्यापक राम खेलावन को नोटिस जारी किया गया।
बीएसए इसी गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे तो यहां बच्चों को दूध नहीं दिए जाने की बात सामने आई। परिसर में भी हर तरफ गंदगी थी। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय खोरांव में मेन्यू के अनुसार एमडीएम नहीं बना था। शौचालय न केवल गंदगी से पटा, बल्कि जर्जर भी था। कक्षा की छत से पानी टपक रहा था। बीएसए ने स्कूल के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार को नोटिस देकर अव्यवस्थाओं पर जवाब-तलब किया है। संवाद