पत्नी की हत्या करने के बाद लूट और अपहरण की झूठी कहानी रचकर पुलिस को गुमराह करने वाले पति को जिला अदालत ने 15 साल बाद उम्रकैद की सुनाई। साथ ही उस पर 23 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
सैनी के सौरई बुजुर्ग निवासी धर्मेंद्र तिवारी पर अपनी पत्नी अनामिका देवी की हत्या का आरोप था। पुलिस के अनुसार दो सितंबर 2011 को आरोपी ने पत्नी की हत्या के बाद लूट और अपहरण की सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था। मामले में सैनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की गई। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
पत्नी को इलाज के बहाने सिराथू ले जाकर मारा था
अभियोजन पक्ष के अनुसार, धर्मेंद्र का अपनी भाभी के साथ कथित तौर पर अवैध संबंध था। पत्नी अनामिका इसका विरोध करती थी। इस कारण दोनों के बीच विवाद होता था। आरोप है कि धर्मेंद्र पत्नी को इलाज कराने के बहाने सिराथू ले गया और लौटते समय साजिश के तहत उसकी हत्या करा दी। अनामिका के भाई ने भी पुलिस को बताया था कि आरोपी उसकी बहन को प्रताड़ित करता था।
12 लोगों की गवाही के बाद फैसला
वर्ष 2011 से जनपद न्यायालय में मुकदमे का विचारण चल रहा था। अभियोजन पक्ष ने मामले में 12 गवाह पेश किए। डीजी क्रिमिनल समेश्वर कुमार तिवारी के अनुसार न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।