दूसरा बेटा सुनील जब घर पहुंचा तो देखा कि कमरे में छत पर लगे पंखे के सहारे अशोक लटक रहा है। उसे देखते ही सुनील के होश उड़ गये और वहीं चीखते हुए बदहवास हालत में खेत पर जाकर सारी बात बताई। सूचना पर सभी लोग भागते हुए घर पहुंचे और फांसी का फंदा काटकर आनन फानन अशोक को इलाज के लिए अस्पताल लेकर भागे, लेकिन वहां पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जवान बेटे की मौत होने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव वालों में चर्चा है कि मृतक अशोक रिश्तेदारी की एक युवती से प्रेम करता था, लेकिन एक सप्ताह पहले संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत होने से अशोक काफी आहत था और सोमवार सुबह उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस मामले में इंस्पेक्टर विनीत सिंह का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फिलहाल परिजनों ने किसी के ऊपर किसी भी तरह का आरोप नहीं लगाया है।
साथ ज़ीने मरने की खाई थी कसम
अशोक के पिता राजेंद्र ने बताया कि अशोक अपनी मौसेरी बहन की ननद जो कि पइंसा इलाके के कुंड्रावी गांव में रहती थी उससे बेहद प्यार करता था और साथ जीने मरने की दोनों ने कसम भी खाई थी। अशोक उससे शादी भी करना चाहता था, लेकिन उसके प्रेमिका के घर वालों को यह रिश्ता नामंजूर था और उन्होंने दोनों की शादी से इंकार कर दिया था। उन्होंने बताया कि बीते 26 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में बेटे अशोक की प्रेमिका की मौत हो गई और उसके घरवालों ने बगैर पुलिस को सूचना दिये शव को जला दिया था। प्रेमिका की मौत के बाद से अशोक गुमसुम रहता था। हो सकता है कि आहत होकर ही उसने मौत को गले लगा लिया हो।