टेंवा (कौशाम्बी)। मंझनपुर के कुम्हियावां और सिराथू के बल्लहा गांव के एक-एक घर में बृहस्पतिवार की दोपहर आग लग गई। अचानक लगी आग में दोनों घर, लाखों रुपये की गृहस्थी का सामान राख हो गया। चीख-पुकार और लपटें देखकर दौड़े ग्रामीणों ने घंटों जूझने के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि जब तक आग बुझती खाद्यान्न, बर्तन, बिस्तर, कपड़े समेत गृहस्थी का सारा सामान जल गया था। लपटों की चपेट में आने से एक मोटरसाइकिल भी राख हो गई।
मंझनपुर तहसील क्षेत्र के कुम्हियावां महेंद्र पटेल किसान है। दोपहर वह पत्नी और दो बच्चों के साथ घर में ही था। दिन में करीब 1 बजे अचानक उसके घर में आग लग गई। महेंद्र और उसकी पत्नी, बच्चों को तब इसकी जानकारी हुई, जब पूरा घर लपटों से घिर गया था। दोनों बच्चों को लेकर चीखते-चिल्लाते दंपति बाहर भागे। उधर, मकान से उठती लपटें और चीख-पुकार पर गांववाले जमा हो गए। सैकड़ों की तादात में जुटे गांववालों ने आग बुझाना शुरू किया। करीब तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद गांववाले आग बुझा सके। हालांकि जब तक आग बुझती। पूरा घर और गृहस्थी का सारा सामान लपटों की भेंट चढ़ चुका थी।
इसी तरह से सिराथू तहसील के बल्लहा गांव निवासी जीतलाल कोटार्य के घर में भी बृहस्पतिवार की दोपहर आग लग गई। इससे बरामदे में खड़ी मोटरसाइकिल, साइकिल, बिस्तर, बर्तन, कपड़े, राशन समेत गृहस्थी का सारा सामान जल गया। भुक्तभोगी के मुताबिक आग से करीब 2 लाख रुपये की गृहस्थी राख हुई है। गांववालों ने किसी तरह से प्रयास करके आग पर काबू पाया। दोनों घरों में आग कैसे लगी? इसकी सही जानकारी भुक्तभोगी भी नहीं दे पा रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि दोपहर खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग ठीक से नहीं बुझाई गई थी। संभवत: इसी से आग लगने की ये घटनाएं हुई हैं।