सिराथू (कौशाम्बी)। सिराथू पावर हाउस के समीप केबिल फूंक जाने से बुधवार को रातभर सैनी उपकेंद्र से जुड़े 80 गांवों की बिजली गुल रही। सभी आठ फीडरों की बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों को गर्मी के कारण रात जागकर गुजारनी पड़ी। वहीं सुबह सैनी समेत कई अन्य कस्बों में जलापूर्ति भी नहीं हुई।
लोगों को पानी के लिए भी भटकना पड़ा। करीब 15 घंटे बाद केबिल दुरुस्त करके सप्लाई बहाल की गई तब कहीं जाकर लोगों को राहत मिली। सैनी विद्युत उपकेंद्र में बिजली की सप्लाई सिराथू स्थित 132 केवीए सब स्टेशन से होती है। बिजली आपूर्ति को सिराथू से सैनी के लिए 33 हजार की हाईटेंशन लाइन खींची गई है। वहीं रास्ते में रेलवे लाइन पड़ने के कारण विद्युत विभाग ने रेलवे क्रासिंग पर भूमिगत केबिल डाल रखी है। यही केबिल बुधवार को तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हो गई। केबिल जलने से सैनी उपकेंद्र से जुड़े सैनी, दारानगर, कनवार, कल्यानपुर, अजुहा, शहजादपुर समेत सभी आठ फीडरों की बिजली सप्लाई ठप हो गई।
इससे बुधवार की रात भर सैनी, मीरापुर, ननमई, शहजादपुर, कल्यानपुर, गुलामीपुर, शीतलपुर, परास, अंदावा, दारानगर, अजुहा, अटसराय, अटसरई समेत उपकेंद्र से जुड़े 80 गांवों में बत्ती गुल रही। बिजली सप्लाई ठप होने से लोग रात भर गर्मी से बेहाल रहे। उमस और मच्छरों की भिनभिनाहट के कारण लोगों को रात जागते हुए गुजारनी पड़ी। रतजगा करने वाले कस्बाइयों को बृहस्पतिवार की सुबह पानी के लिए भी तरसना पड़ा। बिजली आपूर्ति ठप होने से सुबह पेयजल की भी सप्लाई नहीं हुई।
इससे लोग एक-एक बूंद पानी के लिए परेशान रहे। लोगों को घरों से दूर लगे हैंडपंपों से पानी भरकर लाने की मजबूरी झेलनी पड़ी। हालांकि रेलवे क्रासिंग पर हाईटेंशन लाइन की केबिल फुंकने से बिजली विभाग के अफसर भी परेशान रहे। सुबह होते ही केबिल को दुरूस्त करने का काम शुरू कर दिया गया। दिन में करीब 11 बजे आपूर्ति बहाल की गई। हालांकि घंटेभर बाद ही दुबारा बत्ती गुल हो गई। मामले में सिराथू के एसडीओ विद्युत आरसी अनुरागी ने बताया कि केबिल की फाल्ट ठीक कर ली गई है। सप्लाई टेस्टिंग हो चुकी है। रोस्टर मुताबिक आपूर्ति दी जाएगी।