कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति न होने से होटल संचालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। समय पर सिलिंडर न मिलने से होटल व ढाबे का संचालन प्रभावित हो रहा है और कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में संचालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
होटल संचालकों का कहना है कि गैस की कमी के चलते उन्हें मजबूरी में भट्ठी का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके लिए लकड़ी और कोयले की अलग से व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे लागत और बढ़ जाती है।
ढाबा संचालक हनुमान, अशोक गुप्ता सहित अन्य लोगों का कहना कि सिलिंडर की सप्लाई न होने से ग्राहकों को भी परेशानी होती है और कई बार ऑर्डर तक लौटाने पड़ते हैं। बढ़ती लागत के कारण मुनाफा लगभग खत्म हो गया है।
एजेंसी संचालक योगेंद्र सिंह ने बताया कि एक मार्च से शासन की ओर से कॉमर्शियल सिलिंडर पर रोक लगाई गई है। कब से शुरू होगी इसकी कोई जानकारी नहीं है। होटल संचालकों ने प्रशासन से गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की है, ताकि उनका व्यवसाय बेहतर रूप से चल सके।
:: कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई न होने से काफी दिक्कत हो रही है। ऐसे में रेस्टोरेंट चलाने का खर्च भी बढ़ गया है और काम प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - मो. इरफान, रेस्टोरेंट संचालक
:: सरकार से अपील है कि घरेलू गैस की तरह कॉमर्शियल सिलिंडर की सप्लाई पर भी ध्यान दिया जाए। रेस्टोरेंट सिर्फ ग्राहकों के लिए नहीं, बल्कि कर्मचारियों का परिवार भी चलता है। - अभय सिंह, रेस्टोरेंट संचालक
मंझनपुर कस्बा स्थित एक रेस्टोरेंट पर भट्ठी पर पकवान बनाता कारीगर। संवाद- फोटो : credit
मंझनपुर कस्बा स्थित एक रेस्टोरेंट पर भट्ठी पर पकवान बनाता कारीगर। संवाद- फोटो : credit