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Kaushambi News: खेतों में सड़ रही उम्मीदें...मनमाने दाम पर बिक रहा सफेद कद्दू

Sun, 25 Oct 2026 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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संतोष सिंह
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तराई क्षेत्र में सफेद कद्दू की खेती करने वाले किसानों की उम्मीदों पर इस बार मौसम और बाजार दोनों ने पानी फेर दिया है। अधिक बारिश से फसल को नुकसान पहुंचा तो मंडी में भाव गिरने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। पिछले साल अक्तूबर में 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला सफेद कद्दू इस बार 250 से 400 रुपये में बिक रहा है। ऐसे में किसानों के सामने खेती की लागत निकालने का संकट खड़ा हो गया है।
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तराई क्षेत्र में करीब एक हजार हेक्टेयर में सफेद कद्दू की खेती होती है। कटैया, दिया उपहार, भखंदा, धरमपुर मल्हीपुर, जुगराजपुर, मुलायमपुर, कपूरीपुर, छेकवा, ऐगवा और कैलाशपुर समेत कई गांवों में किसान इसकी खेती करते हैं। एक हेक्टेयर में 35 से 40 हजार रुपये तक खर्च आता है। बीते महीनों हुई अधिक बारिश से फसल प्रभावित हुई और अनुमान के मुताबिक पैदावार नहीं हुई और पानी के चलते खेतों में ही कद्दू सड़ गया। इससे किसानों और खेतों में फसल खरीदने वाले व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान से खेत में ही फसल देखकर प्रति क्विंटल के हिसाब से सौदा तय कर लेते हैं। अनुमान के मुताबिक पैदावार नहीं होने से उन्हें भी घाटा लग रहा है। अच्छे फल वाली फसल 250 से 400 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जा रही है, जबकि पिछले साल इस समय भाव 500 से 600 रुपये था। गर्मियों में कीमत 800 से 900 रुपये तक पहुंच जाती थी।
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-वर्जन-
कौशाम्बी के तराई क्षेत्र में पैदा होने वाले सफेद कद्दू की मांग प्रयागराज, वाराणसी, आगरा और कानपुर के अलावा दिल्ली, हरियाणा और पंजाब तक रहती है। यहां के व्यापारी किसानों से खेतों में ही फसल का सौदा तय कर लेते हैं। इसके बाद कद्दू को स्थानीय मंडियों और दूसरे राज्यों के बाजारों में भेजा जाता है। सफेद कद्दू का इस्तेमाल पेठा, जूस और बरी बनाने में होता है। गर्मियों में जूस और पेठा की मांग बढ़ने के साथ इसकी कीमतों में भी तेजी आने की उम्मीद रहती है। हालांकि, इस बार बारिश से पैदावार प्रभावित होने और कम भाव मिलने से किसान परेशान हैं।


गुफरान, व्यापारी
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बारिश से पैदावार कम हुई है। अगर मौसम अनुकूल रहता तो बेहतर मुनाफा मिलता। इस फसल में जानवरों से नुकसान का खतरा कम रहता है और लागत भी अपेक्षाकृत कम आती है। इसलिए तराई क्षेत्र के किसानों के लिए सफेद कद्दू की खेती वरदान है।
रईस अहमद, किसान
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इस वर्ष तीन हेक्टेयर में सफेद कद्दू की खेती कराई गई है। बारिश से नुकसान जरूर हुआ है लेकिन अभी भाव बढ़ने की उम्मीद बाकी है। फिलहाल व्यापारी करीब 400 रुपये प्रति क्विंटल तक खरीद रहे हैं। यदि बाजार में तेजी आई तो नुकसान की भरपाई हो सकती है। किसानों की निगाहें अब आने वाले दिनों में मांग और कीमतों पर टिकी हैं।
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संतोष सिंह,किसान

संतोष सिंह

संतोष सिंह

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