मंझनपुर कस्बे में होली पर्व के दौरान हुड़दंग करते लोग।
रंगों के पर्व होली पर जिला मुख्यालय मंझनपुर समेत जिले के 1072 स्थानों पर परंपरागत तरीके से होलिका जलाई गई। होलिका के साथ ही लोगों ने आपदा-विपदा को भुला कर दुश्मनी को भी जला दिया। विवाद भुलाकर लोगों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया। गले लगकर शुभकामनाएं दी।
प्रेम सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश देने वाली होली में होलिका दहन का बहुत महत्व है। शास्त्रों के मुताबिक असत्य, सामाजिक कुरीतियां, एक दूसरे के प्रति बैर-भाव को जलाने का संदेश भी होलिका है। होलिका में चने, बर्रे की डालिया और गेहूं की बालियां, उपले, लकड़ी के साथ शरीर पर उबटन लगाकर उसे छुड़ाने के बाद बचे हुए अवशेष की बनाई गई पिंडिया भी डाली जाती है। माना जाता है कि होलिका में इन चीजों को डालने के साथ परिवार पर आने वाली आपदाएं भी जलकर नष्ट हो जाती हैं। होलिका जलने के साथ ही लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर पर्व की शुभकामनाएं दी। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक इस बार कौशाम्बी जिले में कुल 1072 स्थलों पर होलिका जलाई गई। जहां सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की चौकसी भी रही। जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर होलिका स्थलों पर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इस दौरान संवेदन और अतिसंवेदनशील गांवों में पुलिस और पीएसी के जवानों को रात से ही ड्यूटी पर मुस्तैद कर दिया गया था। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी गांवों में भ्रमण कर जायजा लेते रहे।