भाई चारे का पर्व होली सोमवार की सुबह से खेली जाएगी। जिलेवासी दो दिन पहले से होली की मस्ती में डूब चुके हैं। रविवार को होली के मौके पर पकवान बनाने के लिए खरीदारों की भीड़ बाजार में सुबह से शाम तक रही। जिले की प्रमुख बाजारों के किराना, पिचकारी व मिष्ठान के दुकानदारों ने करोड़ों का कारोबार किया। इससे कारोबारियों की चांदी रही।
होली पर्व की तैयारी के लिए रविवार को सुबह से शाम तक बाजारों में खरीदारों की भीड़ रही। लोग परिजनों के साथ बाजार करने निकले थे। अतिथियों के स्वागत सत्कार के लिए तमाम तरह के आइटम खरीदे गए। खाने-पीने की सामग्री की खरीदारी पर लोगों का जोर रहा। चिप्स-पापड़, मेवा-मिष्ठान के अलावा अन्य सामग्री खरीदी गई। सरायअकिल, मनौरी, चायल, तिल्हापुर मोड़, करारी, भरवारी, मंझनपुर, सिराथू, अजुहा, मूरतगंज की बाजारों में खासी भीड़ रही। यहां के कारोबारियों ने करोड़ों का कारोबार रविवार को किया। रंग, अबीर, गुलाल व पिचकारी भी खूब बिकी। रविवार को हुई भारी बिक्री होने से कारोबारियों ने राहत की सांस ली।
सब्जी व फलों के भाव में हुआ इजाफा
होली पर्व को लेकर दुकानदारों को अर्से से इंतजार रहता है। हर व्यक्ति इस दिन फलों व सब्जी की खरीदारी करता है। इसे लेकर फलों व सब्जियों की दुकानों में महंगाई छाई रही। आलू को छोड़ कद्दू, बैंगन, कटहल, गाजर, टमाटर, मूली, मटर आदि सब्जियों के दाम डेढ़ से दो गुना हो गए। इसके बावजूद खरीदारी पर कोई असर नहीं पड़ा।
खोवा, दही के दामों में दोगुने का उछाल
होली पर्व के मौके पर दूध से बनने वाले खोवा व दही की खास जरूरत होती है। दही से चटखारेदार आइटम घरों में बनाए जाते हैं तो खोवा गुझिया बनाने में प्रमुख भूमिका निभाता है। पर्व के मौके पर बिक्री बढ़ने से इनके दामों में उछाल आना हर साल तय रहता है। रविवार को दो सौ से ढाई रुपये में बिकने वाला खोवा साढे़ तीन सौ से चार सौ रुपये किलो रहा तो दही 60 से 80 रुपये किलो बिका। इसके बावजूद बिक्री में कहीं कोई कमी नजर नहीं आई।