सिराथू व चायल में भाजपा व बसपा को मुसीबत में डालने के लिए बागी प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में उतरे थे। इन बागियों को जनता ने नकार दिया है। वोट के लाले इनको पड़े रहे। इनकी उम्मीदों पर जनता ने पानी फेरते हुए इनको सिर्फ दागी बनाकर छोड़ा।
सिराथू सीट से भाजपा के शीतला प्रसाद को टिकट मिला तो दावेदारों में शामिल रहे आशीष मौर्य बागी हो गए थे। वह चुनाव भी लड़े। शीतला प्रसाद को शिकस्त देने के लिए वह मैदान में आए थे, लेकिन जनता ने उनको ही नकार दिया। आशीष को कुल 4446 वोट मिले।
वह इस चुनाव में कोई कमाल नहीं दिखा सके, हालांकि लोग मान रहे थे कि वह भाजपा को नुकसान पहुंचाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसी तरह चायल सीट से भाजपा के दावेदार रहे सुभाष गुप्ता भी संजय गुप्ता को टिकट मिलने पर मैदान में उतरे थे। सुभाष अपना दल (कृष्णा पटेल गुट) से चुनाव लड़े। सुभाष को 4556 वोट मिले, जबकि बसपा से बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ी गिरीश पासी की पत्नी शिखा सरोज को 6251 मत मिले। सुभाष के लिए कहा जा रहा था कि वह भाजपा के लिए दिक्कत खड़ी करेंगे, लेकिन उनको बिरादरी का ही वोट नहीं मिला। यही हाल शिखा सरोज और नरेंद्र मौर्य का हुआ। जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र मौर्य को 2429 वोट ही मिले। परिणाम बता रहे हैं कि बागियों की तमन्ना अधूरी रह गई।