याची की ओर से कहा गया कि आरोपी पर अपने बेटे की हत्या करने का संदेह से परे कोई सबूत नहीं है। तालाब से लाश बरामद की गई। आरोपी ने रात तीन बजे शिकायतकर्ता को बेटे के घर से भाग जाने की जानकारी दी थी। उसकी पत्नी छोड़ कर चली गई है। बेटा गंगादीन मां के साथ जाने की जिद कर रहा था। जिस पर उसने मारा तो वह देर रात घर से भाग गया। शिकायतकर्ता आरोपी के भतीजे बसंत लाल का कहना था कि उसने 16/17 अगस्त 2011 की रात चिल्लाते सुना।
चाचा के घर जाकर पूछा तो कहा मां के पास जाने के लिए चिल्ला रहा है। थोड़ी देर बाद चिल्लाने की आवाज बंद हो गई। देर रात तीन बजे आरोपी शिकायत कर्ता के घर आया, बोला बेटा घर से भाग गया है। खोजने की कोशिश की गई। गांव के दो लोगों ने बताया कि रात 12 बजे आरोपी कथरी लिए पावर हाउस के पास मिला था। कहा इलाज कराने जा रहे हैं। बाद में लाश तालाब में मिली। गवाहों के पक्षद्रोही होने और हत्या करने का ठोस सबूत न होने के आधार पर हाईकोर्ट ने सत्र अदालत द्वारा हत्या का दोषी मान उम्रकैद की दी गई सजा को रद कर दिया। कहा संदेह से परे अपराध साबित नहीं किया गया।