पूरामुफ्ती के फतेहपुर गंगा घाट पर बृहस्पतिवार को एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया। यहां महमूदपुर मनौरी के एक ईंट-भट्ठा संचालक के शव को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया था। उनकी चिता ने आग पकड़ी ही थी कि भतीजे की सांसें थमने की खबर घर से आ गई। घाट से लौटे परिजनों को फिर से दूसरे शव के अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ी।
पिपरी कोतवाली के महमूदपुर मनौरी गांव निवासी पूर्व ग्राम प्रधान रवि केसरवानी ने बताया कि उनके चाचा नरेश केसरवानी (62) काजीपुर बाजार के समीप ईंट भट्ठा चलाते थे। जबकि, उनके भतीजे सुनील केसरवानी (53) की मनौरी बाजार में इंटर काॅलेज के पास किराने की दुकान है।
बुधवार शाम उनके चाचा नरेश केसरवानी ईंट भट्ठा से लौटने के बाद खाना खाकर सोने जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें सीने में तेज दर्द के साथ पसीना आने लगा। परिजनों ने आनन-फानन उन्हें प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बृहस्पतिवार सुबह रिश्तेदारों के साथ वह सभी अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर फतेहपुर घाट गए थे। उनकी चिता में आग लगी ही थी कि इसी बीच घर से सुनील केसरवानी की भी मौत की सूचना घाट पर आ गई। अंतिम संस्कार करने के बाद घर लौटे परिजन सुनील की भी अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। चाचा-भतीजे की मौत से परिवार, रिश्तेदारों समेत ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। पूर्व प्रधान रवि केसरवानी के मुताबिक डॉक्टरों ने दोनों की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई है।
इस सर्दी में दिल के मरीजों का रखें ध्यान
मंझनपुर। सर्दी के मौसम में वैसे तो हर किसी को संभल कर रहने की जरूरत है, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान दिल के रोगियों का देना चाहिए। मेडिकल काॅलेज के चिकित्सक डाॅ. संजीव सिंह बताते हैं कि सर्दी में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, हृदय रोगियों को चलने वाली नियमित दवा मिलती रहनी चाहिए। खुली हवा में उन्हें जाने से बचना चाहिए। सिर्फ गरम भोजन ही करना चाहिए। थोड़ी सी भी दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक ही सलाह लेनी चहिए। संवाद