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एक साल से लापता हैं प्रभारी चिकित्साधिकारी

Fri, 21 Apr 2017 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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कौशाम्बी
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अलीपुरजीता की तरह न्यू पीएचसी अजुहा भी बदहाल हो चुकी है। इस अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी एक साल से लापता हैं। वह कब आते हैं और कब जाते हैं, इसकी जानकारी न तो स्टाफ को है और न ही स्थानीय लोगों को। अस्पताल में डॉक्टरों के न रहने से मरीजों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। लोगों को आठ किमी दूर सिराथू सीएचसी पर इलाज के लिए जाना पड़ता है।
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  शासन ने अजुहा क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए नवीन प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र खोला है। विभाग ने इस अस्पताल में  डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. विकास यादव व गोवर्धन सिंह (फार्मासिस्ट) एवं अन्य स्टाफ की तैनाती की गई है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकरी डॉ. धर्मेंद्र 21 अप्रैल 2016 को ट्रेनिंग की बात कह कर गए थे। मगर एक वर्ष गुजरने के बावजूद अस्पताल रिकार्ड के अनुसार लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। गुरुवार को अस्पताल में मौजूद रहे डॉ. विकास यादव भी स्पष्ट नहीं बता सके कि प्रभारी चिकित्साधिकारी क्यों नहीं आ रहे हैं और वह हैं कहां?

अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर भी वह कहकर पल्ला झाड़ते रहे कि उनकी हाल ही में पोस्टिंग हुई है। विशेष जानकारी उनको नहीं है। नगर पंचायत अध्यक्ष शांती कुशवाहा का कहना है कि लगातार इसकी जानकारी अधिकारियों को दी जा रही है लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा है। समाज सेवी अंबर नेता, रमेश अग्रहरी ने बताया कि एक साल से प्रभारी चिकित्साधिकारी गायब हैं। मरीज अस्पताल से वापस जाते हैं। किराया-भाड़ा खर्च करके उन्हें सिराथू सीएचसी जाना पड़ता है। इसके बाद भी अधिकारी जानबूझकर तमाशा देख रहे हैं।
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