जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद युवाओं में बाइक चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने की आदत कम नहीं हो रही है। शहर से लेकर गांव तक की सड़कों पर युवा हेलमेट की जगह फोन कान से लगाए तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते नजर आते हैं। उनकी इस लापरवाही से लगातार हादसे हो रहे हैं।
मोबाइल पर बात करने के दौरान ध्यान और नियंत्रण दोनों कमजोर हो जाते हैं। ब्रेकर, मोड़ और संतुलन बिगड़ना दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण बन जाता है। वहीं, हेलमेट न पहनने से सिर पर चोट लगने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है, जो अक्सर मौत या स्थायी अपंगता का कारण बनती है।
एआरटीओ दफ्तर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अक्तूबर के बीच एआरटीओ प्रवर्तन की टीम ने 117 वाहन चालकों के चालान काटे, जबकि पुलिस विभाग ने 72 लोगों पर चालान की कार्रवाई की। परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चालान केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सुरक्षा की मजबूरी है। वहीं, ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि सड़क पर मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस माह अभियान चलाकर हेलमेट, वाहन फिटनेस और कागजात की भी जांच की जा रही है।
बिना हेलमेट और मोबाइल पर बात करते बाइक चलाने वालों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क पर स्टंट न करने, हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की गई है। तारकेश्वर मल्ल, एआरटीओ