सिराथू। सोमवार की भोर रामगंगा नहर में सयांरा गांव के पास हुए कटान से खेतों में जलभराव होने के बाद पानी शाम से ओवरब्रिज की ओर बहकर जा रहा है। नहर का पानी पिलर संख्या नौ में जाने से फुटिंग के पास मिट्टी का कटान तेजी से शुरू हो गया है। इससे पुल की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। सेतु निगम के अफसरों की सिफारिश पर प्रशासन ने पुल पर भारी वाहनों के आवागमन को रोक दिया है।
सैनी क्षेत्र के सयांरा गांव के पास सोमवार की भोर एकाएक रामगंगा नहर में कटान होने से समीपवर्ती खेत पानी से लबालब हो गए। प्रत्यक्षदिर्शयों का कहना है कि खेतों में पानी भरने के बाद नहर के पानी ने ओवरब्रिज की ओर रुख कर लिया है। पुल के नीचे पानी का तेज बहाव शुरू होने से पिलर संख्या नौ के पास फुटिंग की मिट्टी का कटान भी शुरू हो गया है। यह खौफनाक मंजर देख सेतु निगम के अफसरों की सांसें अटक गई हैं। सेतु निगम के पीडी अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि फुटिंग की मिट्टी का कटाव होने से पुल की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में पुल पर यातायात बनाए रखना सुरक्षित नहीं होगा।
उन्होंने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से बिना देर किए सयांरा ओवरब्रिज पर यातायात रोकने का आग्रह किया है। जिसके बाद देर रात मौके पर जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी ने पुल पर भारी वाहनों के आवागमन को रोकने का आदेश दिया। वहीं सेतु निगम ने मौके पर देखरेख के लिए अवर अभियंता एके कुशवाहा को लगा रखा है। वह पल-पल की गतिविधियों की रिपोर्ट विभागीय आला अधिकारियों को दे रहे हैं। अवर अभियंता ने बताया कि फुटिंग जमीन का वह हिस्सा होता है, जहां जमीन के नीचे जाल डालकर उसके ऊपर पिलर तैयार किया जाता है। एसडीएम सिराथू राजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें सेतु निगम के पीडी ने फोन कर जानकारी दी है।
रामगंगा नहर में कटान से पचासों बीघा फसल जलमग्र
सिराथू। सोमवार की भोर सयांरा गांव के पास रामगंगा नहर में कटान होने से समीपवर्ती 50 बीघा में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। इससे क्षेत्रीय किसानों में हड़कंप मचा रहा। फसल बर्बाद होते देख किसान खेत में भरे पानी को बाहर निकालने के लिए परेशान हैं।
रामगंगा नहर में इस समय टेल तक पानी आया हुआ है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि सोमवार को तड़के रामगंगा नहर सयांरा गांव के पास कट गई। इससे देखते ही देखते आसपास के खेतों में लबालब पानी भर गया। तकरीबन 50 बीघा में खड़ी धान की फसल पानी में डूब जाने से किसानों की नींद हराम हो गई है। नहर विभाग के अधिकारियों को आपदा की सूचना देकर किसान खुद राहत कार्य में जुट गए हैं। किसानों की मदद के लिए सेतु निगम के स्थानीय अधिकारियों ने अपनी जेसीबी भी उपलब्ध करा दी है।
किसान जेसीबी की मदद से नाला खोदकर पानी बाहर निकालने के प्रयास में लगे रहे। सयांरा गांव के किसान ओम प्रकाश, ज्ञान प्रकाश, राम प्रसाद, अफसार अहमद आदि का कहना है कि जब धान सिंचाई के लिए पानी की जरूरत थी। उस समय नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। अब जब फसल तैयार होने के कगार पर है, नहर में पानी बहाया जा रहा है। सिंचाई विभाग की इस अदूरदर्शिता का खामियाजा किसान बर्बादी के रूप में भोगने को मजबूर हो रहे हैं। नहर विभाग के अधिशाषी अभियंता धर्मेद्र सिंह का कहना है कि उन्हेें सूचना मिल गई है। वह राहत के लिए टीम मौके पर भेज रहे हैं।
सयांरा ओवर ब्रिज की सुरक्षा खतरे में पड़ने की खबर पर मौके पर पहुंचे डीएम
सिराथू। राम गंगा नहर कटान से सयांरा ओवर ब्रिज की सुरक्षा खतरे में पड़ने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन एकाएक सक्रिय हो उठा। सोमवार रात तकरीबन साढ़े 9 बजे डीएम अमित सिंह एसपी अभिनंदन के साथ मौके पर जायजा लेने के लिए पहुंचे। पुलिस ने जिला मुख्यालय से आने वाले भारी वाहनों को रोक दिया है।
सेतु निगम द्वारा राम गंगा नहर की कटान होने से सयांरा ओवर ब्रिज की सुरक्षा को लेकर पैदा हुए खतरे की सूचना डीएम अमित सिंह को देर शाम दी। फिर क्या था, ओवर ब्रिज की सुरक्षा खतरे में पड़ने की खबर लगते ही डीएम अमित सिंह ने पूरे अमले को सक्रिय कर दिया। रात तकरीबन साढ़े 9 बजे वह एसपी अभिनंदन, एसडीएम सिराथू राजेश कुमार, तहसीलदार सिराथू, नायब तहसीलदार, सीओ सिराथू, सीओ सदर सैनी कोतवाल के साथ सयारा जा पहुंचे। मौके पर पहुंच कर डीएम ने वहां का जायजा लिया।
उन्होंने खतरे की गंभीरता को भांपते हुए आनन-फानन पीएनसी से मदद मांग वहां से मजदूरों को बुलवा नहर कटान को रोकने का काम शुरू करवा दिया। डीएम ने बताया कि उन्होंने कमिश्वर प्रयागराज को भी फोन पर घटना की सूचना दे दी है। कमिशभनर ने डीएम फतेहपुर से बात कर नहर का पानी रोकवाने को कहा है। डीएम फतेहपुर से उन्होंने खुद फोन कर आ रहे पाली को वही रोेकने का आग्रह किया है। डीएम ने बताया कि पुंल के पास पानी बहान को दो धारा में बांट गति को कम कर दिया गया है। पीएनसी के कई दर्जन श्रमिक कटान को बंद करने में जुटे रहे। एक तरफ जहां पूरा जिला प्रशासन सयांरा में देर रात तक जमा रहा, वहीं राम गंगा नहर का कोई भी जिम्मेंदार अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। इससे डीएम काफी खफा भी रहे। एसपी अभिनंदन ने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है।