लोकतंत्र के पर्व पर भी मतदाताओं का मौसम ने कड़ा इम्तिहान लिया। तापमान तो कुछ गिरा था, लेकिन इतना नहीं कि राहत मिल सके। मतदान केंद्रों पर इसका असर दिखा। शुरुआत के तीन घंटे जब तक मौसम ठंडा रहा, तब तक बूथों पर भीड़भाड़ रही। इसके बाद पांच घंटे सन्नाटा पसरा रहा। फिर, दोपहर बाद फिर वोटर घरों से निकले तो कुछ रौनक आई।
जिले में पिछले करीब एक सप्ताह से गर्मी का पारा चढ़ा हुआ था। दो दिन से तापमान 45 से नीचे नहीं उतर रहा था। रविवार को भी अधिकतम तापमान 45.4 और न्यूनतम 30.6 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री और न्यूनतम 29.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, लेकिन गर्मी के तेवर कम नहीं हुए।
कड़क गर्मी ने लोकतंत्र के महायज्ञ में आहूति डालने निकले मतदाताओं की मुश्किलें बढ़ा दीं। जो मतदाता शुरुआत के तीन घंटे में बूथ तक पहुंच गए, उन्होंने तो किसी तरह मतदान कर लिया। इसके बाद तेज धूप व लू ने वोटरों का घर से निकलना दुश्वार कर दिया।
मंझनपुर के जय सिंह ने बताया कि सुबह किसी जरूरी काम से मतदान करने नहीं जा सका था। जब तक फुरसत मिलती, तब तक सूर्य देव आग बरसाने लगे। शाम पांच बजे के बाद मौसम ठंडा हुआ तो जाकर मतदान किया।
सिराथू के सयांरा मीठेपुर की कल्पना देवी अपने आस-पड़ोस की आठ-10 महिलाओं के साथ सुबह करीब 11.30 बजे मतदान करने गांव के प्राथमिक विद्यालय में बने बूथ पर पहुंची। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्र से घर की दूरी महज 300 मीटर होगी लेकिन, भीषण गर्मी के कारण ऐसा लग रहा था कि बूथ तीन किमी दूर हो।
टेंट लगाने के नाम पर की गई थी खानापूरी
गर्मी की वजह से ही ज्यादातर मतदान केंद्रों में सुबह और शाम को ही भीड़भाड़ रही। पूरी दोपहर सन्नाटा पसरा रहा। वोटर आए भी तो इक्का-दुक्का। मतदाताओं को धूप से बचाने के लिए बूथों पर टेंट लगवाने के निर्देश दिए गए थे। इस मामले में अफसरों ने कई मतदान केंद्रों पर महज खानापूरी की थी। नगर के नया पुरवा, सिराथू के सयारा मीठेपुर समेत कई मतदान केंद्रों में इसकी कमी नजर आई।