दोआबा में मंगलवार को हुई तेज बारिश का कहर गरीबों पर बरपा। झमाझम बारिश के चलते जिले भर में 26 लोगों के मकान जमींदोज हो गए। घर गिरने के बाद पीड़ित खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं। उधर जिले भर में बेघर हुए 26 परिवारों का हाल जानने के लिए एक भी प्रशासनिक अफसर नहीं पहुंच सके।
जिले में सप्ताह भर से रह-रहकर दिनरात बारिश हो रही है। इसके चलते लोगों के कच्चे मकानों में सीलन फैल गई है। मंगलवार की दोपहर अचानक एक घंटे तक तेज बारिश हो गई। इसके चलते जिले भर में 26 लोगों के मकान जमींदोज हो गए। विकास खंड कौशाम्बी के भकंदा गांव के भवन निषाद, कंधई निषाद, बड़का निषाद, पंचम, ओम प्रकाश, कल्लू, विशाल पाल, रसीद, गुलाम, सुभाष सहित 18 लोग बेघर हो गए। इसी तरह मेड़रहा गांव के जितेंद्र मिश्र, रामदास मिश्र, बच्चन, प्रेमसखा, देशराज के घर जमींदोज हो गए।
इसके अलावा करारी कस्बे के अंसारगंज मोहल्ले में आफताब हैदर और मुकीमपुर निवासी दुर्गा प्रसाद का कच्चा मकान बारिश की भेंट चढ़ गया। घर गिरने के बाद पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए। वहीं घरों में रखा गृहस्थी का सारा सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। मकान जमींदोज होने के बाद खुले आसमान के नीचे आए पीड़ितों का हाल जानने के लिए एक भी प्रशासनिक अफसर मौके पर नहीं पहुंच सके। प्रशासनिक मदद न मिलने पर पीड़ित बांस के सहारे पॉलीथिन आदि डालकर किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं।
इंदिरा आवास ढहा, मलबे में दबकर दंपति घायल
स्थानीय थाने के मुकीमपुर गांव में 15 साल पहले बनवाया गया इंदिरा आवास मंगलवार की रात जमींदोज हो गया। बारिश की भेंट चढ़े मकान के गिरने से मलबे में दुर्गा प्रसाद और उनकी पत्नी किशुनी दब गई। जानकारी पड़ोसियों को हुई तो रात में ही मौके पर पहुंचकर घायल दंपति को बाहर निकाला। बदन में चोट अधिक होने के कारण दोनाें को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया।
कई और हो सकते हैं बेघर
दोआबा में बारिश लगातार जारी है। सप्ताह भर से हो रही बारिश के चलते लोगों के कच्चे घरों में सीलन फैल गई है। अब तक जिले भर में दो दर्जन से अधिक गरीबों का आशियाना ढह चुका है। लगातार हो रही बारिश के चलते कच्चे घर कब जमींदोज हो जाएं इस बावत कुछ कहा नहीं जा सकता। जिनके घरों में सीलन फैली है उनके स्वामियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
ढहा मकान, बाल-बाल बचे परिजन
विकास खंड नेवादा के दुर्गापुर गांव में एक कच्चा मकान बारिश के चलते ढह गया। घटना के वक्त घर में सो रहे परिजन बाल-बाल बच गए। उधर घर के मलबे में गृहस्थी का सारा सामान दबकर नष्ट हो गया।
दुर्गापुर निवासी महेंद्र नारायन तिवारी पुत्र रूप नारायन तिवारी एक कच्चे घर में किसी तरह गुजर-बसर कर रहे थे। मंगलवार को हुई तेज बारिश के चलते पूरे घर में सीलन दौड़ गई थी। बुधवार की भोर लगभग चार बजे कच्चा घर अचानक ढह गया। घटना के वक्त घर में सो रहे परिजन बाल-बाल बच गए। पीड़ित की माने तो घर के मलबे में गृहस्थी का सारा सामान दबकर नष्ट हो गया। पीड़ित ने घटना की जानकारी चायल तहसील प्रशासन को दे दी है।
बारिश के चलते कच्चे घर गिर रहे हैं। पीड़ितों को हर संभव मदद मुहैया कराने के लिए एसडीएम को निर्देशित किया गया है। भकंदा और मेड़रहा में अधिक घर गिरे हैं। तहसील प्रशासन को भेजकर पीड़ितों को तात्कालिक मदद मुहैया कराई जाएगी।
श्रीकृष्ण, एडीएम वित्त एवं राजस्व