बृहस्पतिवार की सुबह तेज धूप निकलने से उमस और गर्मी ने अपना पांव पसार दिया। सुबह से दोपहर दो बजे तक लोग पसीने से तर-बतर रहे। इसके बाद एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई।
बुधवार की भोर झमाझम बारिश होने से दोआबा में मौसम सुहाना रहा। बृहस्पतिवार की सुबह गर्मी ने अपना प्रकोप फैलाया लेकिन कुछ ही घंटों में बारिस शुरू हो गई। लगातार दूसरे दिन हुई बारिस से किसानों के चेहरे खिल उठे। खेतों में धानों की रोपाई शुरू हो गई। लगभग दो बजे आसमान में मंडराए काले बादलों से झमाझम बारिश हुई। एक घंटे तक हुई बारिश से दोपहर बाद बृहस्पतिवार को भी मौसम सुहाना हो गया।
दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है। खेतों की गर्मी शांत होती देख किसान धान की रोपाई को लेकर तैयारी में जुट गए हैं। कुछ जगह मौसमी बारिश के साथ धान की खेती की शुरुआत भी हो गई है।
भीषण गर्मी और उमस के चलते अधिकतर किसानों को बारिश का इंतजार था। लेकिन 20 फीसदी किसानों ने मौसम को धता बताते हुए धान की नर्सरी जून के शुरुआत में कर दी थी। पेड़ों की छांव में की गई धान की नर्सरी अब रोपाई के लिए तैयार हो गई है। जिन किसानों की नर्सरी तैयार है वह दो दिन की झमाझम बारिश के बाद अब धान की रोपाई के लिए खेतों की तैयारी में जुट गए हैं।
भीषण तपिश और उमस के बीच आम और जामुन बाजारों में उपलब्ध तो हो गए थे पर उनका जायका लोगों को कम भा रहा था। बुधवार और बृहस्पतिवार को हुई झमाझम बारिश के साथ इन मौसमी फलों के स्वाद में बढ़ावा हो गया है। अब आम और जामुन के फल बारिश का पानी पाते ही पेड़ों में पकने लगे हैं।