पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत के रुख का असर जनपद में भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में रिश्तेदारों से मिलने आए आधा दर्जन पाकिस्तानी नागरिकों की निगरानी खुफिया तंत्रों ने तेज कर दी है। इन्हें उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गोपनीय तरीके से चिह्नित किया जा रहा है।
बंटवारे के समय पाकिस्तान गए तमाम लोगों के रिश्तेदार भारत में आज भी रहते हैं। उनसे मिलने के लिए लांग टर्म और टूरिस्ट वीजा लेकर अक्सर पाकिस्तानी नागरिक जनपद आते रहते हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जनपद के सरायअकिल, करारी, भरवारी, महगांव व देवीगंज आदि गांवों-कस्बों में पाकिस्तानी नागरिकों की रिश्तेदारी है।
फिलहाल, आधा दर्जन से अधिक पाकिस्तानी नागरिक अपने रिश्तेदारों के यहां आए हैं। कुछ तो लांग टर्म वीजा पर लंबे समय से रह रहे हैं। कई लोग यहीं शादी करके नागरिकता हासिल करना चाहते हैं। हालांकि, अब तक इसकी मंजूरी विदेश मंत्रालय से किसी को नहीं मिल सकी है।
लेकिन, पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत का तेवर सख्त हुआ तो जिले के अधिकारियों ने भी यहां ठहरे हुए पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट की तैयारी शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को खुफिया विभाग के साथ पुलिस अफसरों की गोपनीय बैठक भी हुई।