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राज्यपाल और सीएम के निर्देश की भी अनदेखी

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राज्यपाल और सीएम के निर्देश की भी अनदेखी
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नवंबर में भेजी गई 12 शिकायतों का नहीं हुआ निस्तारण, बिफरे अपर आयुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। दोआबा में तैनात अफसरों ने महामहिम और मुख्यमंत्री की चिट्ठी को भी ठेंगे पर रखना शुरू कर दिया है। नवंबर महीने में राज्यपाल तथा सीएम की ओर से निर्देश दिए जाने के बाद भी अब तक 12 मामलों में कार्रवाई नहीं की गई। इसकी जानकारी होते ही अपर आयुक्त प्रशासन बिफर पड़े हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर सभी प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण कराने व की गई कार्रवाई से अवगत कराने का निर्देश दिया है।
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अफसरी ठाठ के दर्शन कौशाम्बी में आए दिन होते रहते हैं। कभी कोई अधिकारी जनता दर्शन नहीं करता तो कभी फरियादियों को डांटकर भगा दिया जाता है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने से परेशान फरियादी मुख्यमंत्री और राज्यपाल को चिट्ठी भेजते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि इसके बाद तो उनकी समस्या का निराकरण कर ही दिया जाएगा। हालांकि कई बार इस कोशिश का नतीजा भी सिफर ही रहता है। बात इसी साल के नवंबर महीने की करें तो विभिन्न तिथियों में बड़हरी निवासी अमरजीत, हुसैनमई निवासी रामसेवक, रमेश चंद्र, त्रिलोकी प्रसाद, बरीपुर निवासी केशलाल, प्रभा देवी, कौशाम्बी निवासी नरेंद्र त्रिपाठी, अमिरसा निवासी अनिल कुमार, नौबस्ता निवासी सुमन शुक्ला, मोहम्मदपुर वासी निवासी राजेश शुक्ला, पकसरई निवासी मोनेलाल व चलौली निवासी रामप्रकरण सिंह समेत 12 लोगों ने अपनी समस्याओं का निपटारा नहीं होने पर मुख्यमंत्री व राज्यपाल को पत्र भेजा था। पत्र प्राप्ति के बाद मुख्यमंत्री और राज्यपाल कार्यालय की ओर से एक-दो दिन के भीतर ही जिला प्रशासन को कार्रवाई के लिए चिट्ठी भेजी गई। अधिकतर मामलों में फरियादी के पत्र पर ही कार्रवाई के लिए मार्क कर लिख दिया गया। बड़ी बात है कि इन 12 में से एक भी प्रकरण का अभी तक निस्तारण नहीं किया गया है। इसकी जानकारी होते ही प्रयागराज मंडल के अपर आयुक्त (प्रशासन) अवधेश सिंह बिफर गए। उन्होंने हफ्ते भर पहले जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई कराने तथा की गई कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
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