सपा सरकार में रामपुर जिले की पुलिस ने जिस शिद्दत के साथ सरकार में कबीना मंत्री रहे आजम खान की भैंस खोज निकाली उसी तर्ज पर सरायअकिल पुलिस ने भी गुडवर्क किया है। हालांकि, पुलिस को यह कामयाबी हासिल करने में करीब दो साल का वक्त लग गया।
पुलिस का दावा है कि जिन दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया उनके पास से एक चोरी की गई भैंस, दो तमंचा व कारतूस भी बरामद हुए हैं। शुक्रवार को आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी करके चालान कर दिया गया है।
चोरी गई भैंस की बरामदी को लेकर शुक्रवार को पहले एसपी राधेश्याम को पत्रकार वार्ता करनी थी। बाद में एएसपी समर बहादुर ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि सरायअकिल कोतवाली के उपनिरीक्षक गौरव त्रिवेदी अपने हमराही सिपाहियों के साथ सुरसेनी के समीप मौजूद थे।
इस दौरान दो संदिग्ध लोग पकड़े गए। जिनकी पहचान कोतवाली क्षेत्र के ही रुसहाई निवासी अरवेश तिवारी और मनोज तिवारी के रूप में हुई है। दोनों के पास से पुलिस ने एक-एक तमंचा व कारतूस बरामद किया है। पकड़ा गया अरवेश भैंस चोर है। वर्ष 2019 में उसने पिपरी कोतवाली इलाके के सैदपुर गांव से 14 भैंस चोरी की थी।
पुलिस का दावा है कि चुराई गई एक भैंस भी बरामद हुई है। इसके अलावा वह धोखाधड़ी के एक मामले में भी वांछित था।
शुक्रवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ लिखापढ़ी कर चालान कर दिया गया है। पुलिस के खुलासे के बाद चर्चा रही कि भैंस चोरी के खुलासे में पुलिस को दो साल लग गए, लेकिन बरामद केवल एक भैंस हुई है। एसपी ऑफिस का स्टाफ भी चटखारे ले रहा था कि सपा सरकार में हुआ गुडवर्क जिले की पुलिस ने दोहरा दिया।