मंझनपुर। यूपी सरकार के बजट से जिले के 12,338 शिक्षित बेरोजगारों में उम्मीद जगी है। योगी सरकार ने इन युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए नई योजना प्रारंभ की है। तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले 446 युवाओं को कार्य की दक्षता सीखने के लिए अब मानदेय मिलेगा। साथ ही बीए और एमए करके भटकने वाले युवाओं को युवा उद्यमिता विकास अभियान के तहत प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा।
योगी सरकार ने मंगलवार को अपना चौथा बजट पेश किया था। इसमें बेरोजगारों को नया तोहफा दिया गया। तकनीकी और नॉन तकनीकी युवाओं के लिए अलग-अलग योजना लागू की गई है। नए सत्र से टेक्निकल बेरोजगारों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना और नॉन टेक्निकल के लिए युवा उद्यमिता विकास अभियान लागू होगा। जिला सेवा योजन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में 12,338 बेरोजगारों में 446 युवा ऐसे हैं जो बीटेक, पॉलीटेक्निक और आईटीआई करके रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं। इन युवाओं को कार्य की दक्षता के लिए कंपनियों और उद्योगों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान केंद्र सरकार की ओर से 1500 रुपये और राज्य सरकार की ओर से एक हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा और जिस संस्था में कार्य करेंगे वह भी अपना अंशदान प्रशिक्षण लेेने वाले युवाओं को देगी। इससे जब वह प्रशिक्षण लेकर बाहर निकलेंगे तो कार्य की दक्षता के आधार पर उन्हें रोजगार मिलने में देरी नहीं होगी। 11892 युवा ऐसेे हैं जो बीए, एमए करके रोजगार के लिए भटक रहे हैं। उनके लिए युवा उद्यमिता विकास अभियान योजना लागू की जाएगी। ऐेसे युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार व्यवसाय, उद्योगों की स्थापना करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए बैंकों से ऋण दिलाया जाएगा। योगी सरकार ने पहली बार बेरोजगारों के लिए यह योजना प्रारंभ की है। इस योजना के लागू होने से तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं में नई उम्मीद जगी है।