चायल तहसील में आयोजित विधक साक्षरता शिविर को संबोधित करते जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव कुलदीप सिंह
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नशा समाज के लिए जहर से भी ज्यादा घातक है। नशे की वजह से इंसान खुद के काबू में नहीं रहता है। इसके चलते वह ऐसे अपराध को अंजाम दे बैठता है जिसके कारण उसे सलाखों के पीछे पछताना पड़ता है। यह बातें विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुलदीप सिंह ने शुक्रवार को चायल तहसील में आयोजक विधिक जागरुकता शिविर में कही।
नशा मुक्ति को लेकर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने नशा से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सिविल जज कुलदीप सिंह ने कहा कि नशे से व्यक्ति अपने परिवार को ही नहीं बल्कि समाज पर भी बुरा प्रभाव डालता है। नशा करने वाले व्यक्ति देश के विकास में बराबर भागीदारी नहीं निभा पाता। तहसीलदार चायल कल्पना चौहान ने कहा कि नशे से मुक्ति के लिए योग एक आसान उपाय है। लोग योग के सहारे नशे की बुरी लत से दूरी बना सकते हैं। बाल संरक्षण अधिकारी अजीत कुमार ने बालक-बालिकाओं के अधिकार और उनके लिए सरकार की तरफ से बनाई गई हेल्प लाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। गोष्ठी में पूनम पाल, संगीता राज, अंजू, उमा साहू, धर्मराज, कमलेश, संजीव कुमार सहित तमाम लोग शामिल रहे।