कौशाम्बी कोतवाली क्षेत्र की युवती से सामूहिक दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता का अदालत में कलम कलम बंद बयान दर्ज कराया गया।
कौशाम्बी थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपनी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन कराए जाने का आरोप लगाया था। मामला सामने आने के बाद एसपी राजेश कुमार के निर्देश पर पुलिस ने एक सितंबर को आरोपी पूर्व प्रधान अतीक अहमद, इरशाद अहमद, सैफ खां, अनुज अहमद, नेहा बानो, छोटू खान व एक मौलाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
इधर, बुधवार को पीड़िता का अदालत में कलम बंद बयान कराया गया। चर्चा है कि युवती का आरोपी एक युवक से प्रेम संबंध था। धर्म अलग होने के कारण शादी नहीं हो सकी। इस पर युगल ने घर से भागने का फैसला किया। दोनों पक्षों की पंचायत भी हुई इसमें संभ्रांत लोगों को बुलाया गया था। पंचायत में दोनों को अलग-अलग रहने के लिए कहा गया था।
इस संबंध में सीओ जनेश्वर पांडेय का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करने के बाद अदालत में कलम बंद बयान कराया गया है। अदालत के बयान की प्रतिलिपि लेकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।